रांची: झारखंड की राजधानी रांची में होने वाले ‘चित्रपट झारखंड फिल्म फेस्टिवल’ में पलामू जिले की मजबूत मौजूदगी रहेगी। इस फेस्टिवल के लिए पलामू से आठ फिल्में चुनी गई हैं, जो 26 से 28 जून तक सरला बिड़ला यूनिवर्सिटी में आयोजित होगा। चुनी गई फिल्मों में छह शॉर्ट फिल्में और दो डॉक्यूमेंट्री शामिल हैं।
Highlights:
राज्य भर की फिल्मों के बीच पलामू ने बनाई खास जगह
फेस्टिवल के लिए झारखंड के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में फिल्में भेजी गई थीं। चयन प्रक्रिया के बाद, पलामू की आठ फिल्में सूची में शामिल हुईं। इस उपलब्धि से जिले के कलाकारों, फिल्म निर्माताओं और सिनेमा प्रेमियों में काफी उत्साह है। स्थानीय फिल्म निर्माताओं का मानना है कि यह चयन जिले की रचनात्मक क्षमता और उभरती प्रतिभा का प्रमाण है।
छह शॉर्ट फिल्में और दो डॉक्यूमेंट्री दिखाई जाएंगी
फेस्टिवल में दिखाई जाने वाली पलामू की चुनी गई शॉर्ट फिल्मों में ‘मिसिंग डायरी’, ‘सिगरेट रहस्य’, ‘माही’, ‘दहाड़’, ‘जय मां काली’ और ‘बोलो नहीं, करो’ शामिल हैं। इसके अलावा, दो डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई जाएंगी। इन फिल्मों का निर्माण पलामू के युवा कलाकारों और फिल्म निर्माताओं ने किया है। सीमित संसाधनों के बावजूद, उन्होंने अपनी रचनात्मक सोच और कड़ी मेहनत से अपनी पहचान बनाने में उल्लेखनीय प्रगति की है।
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विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार दिए जाएंगे
फिल्मों के प्रदर्शन के साथ-साथ, फेस्टिवल के दौरान विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार भी दिए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान एक स्मारिका (सोवेनियर) भी जारी की जाएगी। इस स्मारिका में लेखकों, फिल्म प्रेमियों और पलामू के सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के लेख शामिल होंगे, जिससे स्थानीय कला और साहित्य को एक मंच मिलेगा।
रील-मेकिंग प्रतियोगिता में युवाओं ने दिखाया हुनर
फिल्म फेस्टिवल को बढ़ावा देने के लिए आयोजित रील-मेकिंग प्रतियोगिता में भी पलामू के युवाओं ने शानदार प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। स्थानीय फिल्म निर्माताओं का कहना है कि ऐसे आयोजन न केवल नई प्रतिभाओं को पहचान दिलाते हैं, बल्कि झारखंड के फिल्म उद्योग को एक नई दिशा देने में भी मदद करते हैं। चित्रपट झारखंड फिल्म फेस्टिवल जैसे मंचों के माध्यम से, राज्य के उभरते कलाकारों और फिल्म निर्माताओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल रहा है, जिससे क्षेत्रीय सिनेमा को एक नई पहचान मिलने की उम्मीद है।






















