धनबाद: मुहर्रम 1448 हिजरी के लिए चांद दिखने के साथ ही नए इस्लामिक साल की आधिकारिक शुरुआत हो गई है। चांद दिखने की पुष्टि होने पर, मुस्लिम समुदाय के लोगों ने नए हिजरी साल की बधाई दी और शांति, भाईचारे और खुशहाली के लिए दुआएं मांगीं।
Highlights:
मुहर्रम: इस्लामिक कैलेंडर का पहला महीना
मुहर्रम को इस्लामिक कैलेंडर का पहला महीना माना जाता है और इसे इस्लाम के सबसे पवित्र महीनों में गिना जाता है। इस महीने का खास धार्मिक महत्व है। नए हिजरी साल की शुरुआत के साथ, लोग इबादत, आत्म-चिंतन और नेक कामों पर ज़्यादा ध्यान देते हैं।
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अलग-अलग इलाकों में तैयारियां जारी
चांद दिखने के बाद, धनबाद के कई इलाकों – जैसे वासेपुर, केंदुआ, अंगारपथरा, गोहिबंद, छाताबाद, टांडा बस्ती, कतरास, झरिया और गोविंदपुर – में मुहर्रम से जुड़े धार्मिक कार्यक्रमों और व्यवस्थाओं की तैयारियां तेज़ हो गई हैं। स्थानीय कमेटियां और समुदाय के लोग इन कार्यक्रमों के आयोजन में सक्रिय हो गए हैं।
शांति और भाईचारे का संदेश
नए इस्लामिक साल के मौके पर, समाज के अलग-अलग वर्गों के लोगों ने आपसी सद्भाव, एकता और इंसानियत का संदेश दिया। कई जगहों पर देश और समाज में शांति, तरक्की और खुशहाली के लिए खास दुआएं भी की गईं।
आध्यात्मिक महत्व का महीना
धार्मिक विद्वानों के अनुसार, मुहर्रम का महीना इबादत, संयम और आध्यात्मिक चिंतन का प्रतीक है। इस दौरान, मुस्लिम समुदाय के लोग धार्मिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं और सामाजिक सद्भाव को मज़बूत करने की कोशिश करते हैं।






















