Tejashwi Yadav Press Conference Patna: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आज कथित ‘रिशु श्री मामले’ को लेकर एनडीए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। राजद प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में केवल छोटे अधिकारियों पर कार्रवाई की जा रही है, जबकि “बड़ी मछलियों” को बचाया जा रहा है। तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से 20 सवाल पूछते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की और कहा कि बिहार की जनता सरकार से जवाब चाहती है।
Highlights:
‘भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस सिर्फ बयान तक सीमित’ — तेजस्वी यादव
प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि जिस सरकार ने भ्रष्टाचार पर “जीरो टॉलरेंस” की बात कही थी, उसी के कार्यकाल में लगातार कथित घोटाले सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर निष्पक्ष जांच हो तो “दूध का दूध और पानी का पानी” हो जाएगा। उन्होंने दावा किया कि बिहार की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर हो रही है और राज्य पर कर्ज बढ़ता जा रहा है। तेजस्वी ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री आपात निधि से 3607 करोड़ रुपये निकाले जाने की बात सामने आ रही है, जबकि छात्रवृत्ति, पेंशन और किसानों से जुड़े मुद्दों पर सरकार गंभीर नहीं है।
‘बिहार में अराजकता का माहौल’ का आरोप
राजद नेता ने कहा कि राज्य में अराजकता जैसी स्थिति बन रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक व्यवस्था कमजोर हो रही है और भ्रष्टाचार को संरक्षण दिया जा रहा है। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में पुरानी व्यवस्था कायम है, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं। तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि नेतृत्व कमजोर होने के कारण राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
‘रिशु श्री मामले’ पर उठाए 20 सवाल
तेजस्वी यादव ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री में हिम्मत है तो उनके 20 सवालों का जवाब दें। उन्होंने पूछा—
- रिशु श्री को विभिन्न विभागों के टेंडर कैसे मिले?
- ईडी जांच में सामने आए अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
- दो आईएएस अधिकारियों के निलंबन के बावजूद चार्जशीट में उनका नाम क्यों नहीं है?
- कथित घोटाले की कुल राशि सार्वजनिक क्यों नहीं की गई?
- ई-टेंडरिंग के बावजूद कथित गड़बड़ी कैसे हुई?
- टेंडर प्रक्रिया में फिक्स कमीशन के आरोपों की सच्चाई क्या है?
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि जांच में देरी की गई और दोषी अधिकारियों को बचाने की कोशिश हो रही है।
‘छोटे कर्मचारियों को बनाया जा रहा मोहरा’
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में केवल छोटे कर्मचारियों और इंजीनियरों को कार्रवाई का केंद्र बनाया जा रहा है, जबकि बड़े अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों को बचाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि कुछ मामलों में अधिकारियों के परिजनों द्वारा कंपनियां बनाकर सरकारी टेंडरों का लाभ लिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि एसवीयू की चार्जशीट में केवल कुछ ही आरोपियों को शामिल किया गया है, जबकि कई अन्य नामों को बाहर रखा गया है।
सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार
प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर कई गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए। हालांकि, इन आरोपों पर राज्य सरकार या संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया तत्काल सामने नहीं आई है। अब यह देखना होगा कि जांच एजेंसियों की आगे की कार्रवाई और सरकार का पक्ष सामने आने के बाद इस मामले में क्या स्थिति बनती है।






















