Sikkim Tunnel Tragedy: सिक्किम के नामची ज़िले में बन रहे एक हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की सुरंग में हुए हादसे में झारखंड के चार मजदूरों की मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद मृतकों के परिवारों में शोक की लहर दौड़ गई है। राज्य सरकार ने घटना पर दुख जताते हुए भरोसा दिलाया है कि प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद दी जाएगी।
Highlights:
झारखंड के चार मज़दूरों की मौत
हादसे में जान गंवाने वालों में खूंटी ज़िले के रनिया ब्लॉक के डाहू गांव के कृष्णा साहू (22) और विकास कंडुलना (25), हज़ारीबाग़ ज़िले के बरही ब्लॉक के जागेश्वर ठाकुर (46) और पश्चिमी सिंहभूम ज़िले के कुमसिंह मदुरा गांव के मसीह बारजो (27) शामिल हैं। ये सभी मजदूर सिक्किम में बन रहे एक प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे।
सुरंग में गैस रिसाव के बाद हुआ हादसा
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, नामची ज़िले में NHPC के तीस्ता स्टेज-6 हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की बन रही ‘हेड रेस टनल’ में गैस रिसाव के बाद धमाके जैसी स्थिति बन गई। घटना के समय सुरंग के अंदर कई मजदूर काम कर रहे थे। कई मजदूर प्रभावित हुए, लेकिन झारखंड के चार मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है।
मुख्यमंत्री ने मदद का भरोसा दिया
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने सिक्किम के मुख्यमंत्री से बात की और झारखंड के प्रभावित मज़दूरों और उनके परिवारों को हर संभव मदद देने का अनुरोध किया। साथ ही, श्रम विभाग और प्रवासी सेल को स्थिति पर नज़र रखने और राज्य सरकार के साथ तालमेल बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।
प्रत्यक्षदर्शी ने घटनाक्रम बताया
मृतक कृष्णा साहू के भाई, जो उसी प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे, सुरक्षित बच निकले। उन्होंने बताया कि सुरंग के अंदर काम कर रहे मज़दूरों के लिए खाना ले जाया जा रहा था, तभी अचानक तकनीकी खराबी के कारण आग और गैस फैल गई। कुछ मज़दूर तो बाहर निकल पाए, लेकिन कई अंदर ही फंसे रह गए। अधिकारी अभी मामले की जांच कर रहे हैं।
गांवों में शोक; शव वापस लाने की मांग
हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के गांवों में मातम छा गया। परिवार के सदस्य और ग्रामीण मांग कर रहे हैं कि शव को जल्द से जल्द उनके गृह राज्य वापस लाया जाए। प्रशासन और संबंधित एजेंसियां ज़रूरी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए काम कर रही हैं।






















