धनबाद: सरकार की नई व्यवस्था के तहत FCI गोदाम से राशन दुकानदारों यानी डीलरों तक अनाज सीधे पहुंचाया जाना है। इसी व्यवस्था को लेकर धनबाद के बरमसिया स्थित FCI गोदाम और JFCI गोदाम के पास अनाज की ढुलाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
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मामला तब सामने आया जब FCI गोदाम से बड़े ट्रकों में लोड होकर निकले अनाज को JFCI गोदाम के पास छोटे 407 वाहनों में दोबारा लोड किए जाने की जानकारी सामने आई। JFCI गोदाम में काम करने वाले मजदूरों ने इस प्रक्रिया पर विरोध जताते हुए पूरे मामले में पारदर्शिता की मांग की है।
बड़े ट्रकों से 407 वाहनों में दोबारा लोड हुआ अनाज
मजदूरों का कहना है कि सरकार की नई व्यवस्था के कारण पहले ही JFCI गोदाम में काम करने वाले सैकड़ों लोगों के रोजगार पर असर पड़ने की आशंका है। ऐसे में उनका सवाल है कि जब FCI गोदाम से राशन डीलरों तक अनाज सीधे पहुंचाया जाना है, तो रास्ते में उसे उतारकर छोटे वाहनों में दोबारा लोड करने की जरूरत क्यों पड़ रही है।
मजदूरों ने कहा कि यदि अनाज JFCI गोदाम की व्यवस्था के तहत राशन डीलरों तक भेजा जाता है, तो इससे यहां काम करने वाले लोगों को रोजगार मिल सकता है। उन्होंने अनाज की आवाजाही की प्रक्रिया को स्पष्ट और पारदर्शी रखने की मांग की।
अंधेरा और ट्रैफिक जाम को AGM ने बताया वजह
मामले में JFCI गोदाम के AGM राहुल मुंशी ने अलग वजह बताई। उनका कहना है कि सोमवार को अंधेरा और ट्रैफिक जाम होने के कारण बड़े ट्रकों को आगे ले जाना संभव नहीं था।
इसी वजह से बड़े ट्रकों से अनाज उतारकर उसे 407 वाहनों में लोड किया गया और फिर राशन डीलरों तक भेजा गया। AGM के इस स्पष्टीकरण के बाद भी मजदूरों की ओर से इस पूरी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
रोजगार और परिवहन व्यवस्था को लेकर मजदूरों की चिंता
JFCI में काम करने वाले मजदूरों का कहना है कि नई परिवहन व्यवस्था से उनकी रोजी-रोटी प्रभावित हो सकती है। उनका कहना है कि सरकार के नियमों में बदलाव और उसके क्रियान्वयन को लेकर स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।
मजदूरों ने सवाल उठाया कि यदि FCI से राशन डीलरों तक अनाज भेजने की व्यवस्था लागू है, तो अनाज को JFCI गोदाम के पास लाकर दोबारा छोटे वाहनों में लोड करने की प्रक्रिया क्यों अपनाई गई।
उनका कहना है कि अनाज की ढुलाई से जुड़े नियमों का स्पष्ट रूप से पालन होना चाहिए, ताकि मजदूरों के रोजगार के साथ-साथ परिवहन व्यवस्था में भी पारदर्शिता बनी रहे।
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जांच और नियमों के पालन की मांग
मजदूरों ने पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि संबंधित विभाग को यह स्पष्ट करना चाहिए कि अनाज की ढुलाई किस प्रक्रिया के तहत की जा रही है और बड़े ट्रकों से 407 वाहनों में दोबारा लोडिंग क्यों हुई।
उन्होंने सरकार से निर्धारित नियमों के अनुसार ही राशन का परिवहन सुनिश्चित कराने की मांग की है। वहीं, JFCI प्रबंधन की ओर से ट्रांसशिपमेंट की वजह के तौर पर अंधेरा और ट्रैफिक जाम का हवाला दिया गया है।
अब इस मामले में प्रशासन और संबंधित विभाग की स्पष्टता का इंतजार है कि FCI से राशन डीलरों तक अनाज पहुंचाने की व्यवस्था में बीच रास्ते वाहन बदलने की प्रक्रिया किन परिस्थितियों में अपनाई जा सकती है।






















