Chhapra VHP News: विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांदे बिहार प्रवास के दौरान छपरा पहुंचे। यहां उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में संगठन के आगामी कार्यक्रमों और विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर अपनी बात रखी।
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उन्होंने बताया कि विश्व हिंदू परिषद का स्थापना दिवस कार्यक्रम चल रहा है। संगठन की ओर से सदस्य संख्या को बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए आगामी कार्यक्रमों और संगठनात्मक तैयारियों पर काम किया जा रहा है।
एक करोड़ सदस्यों को जोड़ने का लक्ष्य
मिलिंद परांदे के अनुसार, विश्व हिंदू परिषद के साथ वर्तमान में करीब 72 लाख सदस्य जुड़े हुए हैं और संगठन इसे बढ़ाकर एक करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि 22 नवंबर से 6 दिसंबर तक संगठन की ओर से विशेष तैयारियां की जाएंगी। इस दौरान अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी से जुड़े कार्यक्रमों के साथ गौ रक्षा कानून समेत अन्य विषयों को भी प्रमुखता दी जाएगी।
इन कार्यक्रमों में बजरंग दल और दुर्गा वाहिनी समेत संगठन की अन्य इकाइयों की भूमिका रहने की बात कही गई।
मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने की मांग
पत्रकारों से बातचीत के दौरान मिलिंद परांदे ने हिंदू मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने के लिए कानून बनाने की मांग भी उठाई।
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर विश्व हिंदू परिषद विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, विधायक और सांसदों से संपर्क कर रही है। उनके अनुसार, जनप्रतिनिधि और सरकारें नीति निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, इसलिए संगठन इस विषय को उनके सामने रख रहा है।
आरक्षण विवाद पर भी रखी अपनी बात
आरक्षण से जुड़े विवाद पर मिलिंद परांदे ने कहा कि हिंदू समाज को अपने स्तर पर जाति आधारित मुद्दों का समाधान करना चाहिए। उन्होंने राजनीतिक दलों को इस विषय से अलग रखने की बात कही।
उन्होंने कहा कि समाज के भीतर संवाद के जरिए इस तरह के मुद्दों को सुलझाने की जरूरत है। उनका कहना था कि सामाजिक विषयों के समाधान में समाज की भूमिका महत्वपूर्ण होनी चाहिए।
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मिलिंद परांदे ने केंद्र सरकार से गो रक्षा से संबंधित कानून को प्रभावी और सख्ती से लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि गोहत्या कानून का पालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
उन्होंने बिहार के कुछ सीमावर्ती जिलों का जिक्र करते हुए दावा किया कि वहां इस विषय को लेकर स्थिति चिंता का विषय है। साथ ही उन्होंने ईसाई मिशनरियों की गतिविधियों को रोकने की भी मांग रखी और इसे बिहार में जनसंख्या संतुलन से जोड़कर अपनी बात कही।
इन मुद्दों पर मिलिंद परांदे के बयान विश्व हिंदू परिषद के कार्यक्रम और संगठन की मांगों के संदर्भ में हैं।






















