बिहार में बाढ़ से 49.36 लाख लोग प्रभावित
पटना: बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। राज्य के 15 जिलों में करीब 49.36 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं। कई इलाकों में नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। पटना में गंगा और पुनपुन नदी के जलस्तर के खतरे के निशान से ऊपर होने की जानकारी सामने आई है। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और राहत कार्यों में जुटा है।
Highlights:
16 सितंबर को बिहार आएगी केंद्रीय टीम
बाढ़ से हुए नुकसान के आकलन को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा अपडेट दिया है। पटना में आयोजित हिंदी दिवस समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि 16 सितंबर को केंद्र सरकार की टीम बिहार पहुंचेगी। यह टीम राज्य में बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लेकर स्थिति का आकलन करेगी। केंद्रीय टीम का दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब राज्य में बड़ी संख्या में लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। इससे पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया था कि बिहार बाढ़ से बेहाल है, लेकिन केंद्र सरकार राज्य की पर्याप्त मदद नहीं कर रही है। केंद्रीय टीम के दौरे की जानकारी मुख्यमंत्री ने इन्हीं राजनीतिक आरोपों के बीच दी है।
अमित शाह ने CM को फोन कर दी जानकारी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अनुसार, केंद्रीय टीम केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में बिहार आएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें फोन कर केंद्रीय टीम के बिहार आने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नेपाल में बारिश और हाल में आई बाढ़ के कारण बिहार की कई नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। कई नदियों के खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण निचले इलाकों में बाढ़ का असर बना हुआ है।
इन 15 जिलों में बाढ़ का असर
आपदा प्रबंधन विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, बिहार के 15 जिले बाढ़ प्रभावित हैं। इनमें:
- पटना
- भोजपुर
- सारण
- वैशाली
- भागलपुर
- बेगूसराय
- बक्सर
- समस्तीपुर
- मुंगेर
- कटिहार
- लखीसराय
- खगड़िया
- पूर्णिया
- मधेपुरा
- अररिया
शामिल हैं।
इन जिलों के 88 प्रखंडों की 575 ग्राम पंचायतों में करीब 49.36 लाख लोगों के प्रभावित होने की जानकारी दी गई है।
यह भी पढ़ें: निरसा में पनभरा कर्मियों का 9 महीने से आंदोलन, सांसद ढुल्लू महतो के आश्वासन पर उठे सवाल
1260 सामुदायिक रसोई, SDRF-NDRF की टीमें तैनात
बाढ़ और जलजमाव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है। जरूरत के अनुसार राहत और सहायता कार्य भी चलाए जा रहे हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में करीब 1260 सामुदायिक रसोई संचालित किए जाने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा SDRF और NDRF की टीमें भी प्रभावित इलाकों में सक्रिय हैं और स्थिति पर नजर रख रही हैं। अब 16 सितंबर को पहुंचने वाली केंद्रीय टीम के आकलन पर भी नजर रहेगी। टीम के दौरे के बाद बाढ़ से हुए नुकसान और राहत से जुड़े आगे के कदमों को लेकर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।





















