Patna Traffic Challan: बिहार की राजधानी पटना में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। शहर के अलग-अलग इलाकों में लगे कैमरों, वीडियो फुटेज और तस्वीरों की मदद से नियम तोड़ने वाले वाहनों की पहचान कर चालान काटे जा रहे हैं। 25 और 26 अक्टूबर 2026 को चलाए गए अभियान के दौरान कुल 2,622 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इन पर 33 लाख 62 हजार 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
Highlights:
दो दिनों में 33.62 लाख रुपये का जुर्माना

पटना ट्रैफिक पुलिस के जारी आंकड़ों के अनुसार, 25 अक्टूबर को 1,369 वाहनों का चालान काटा गया। इस दौरान 17 लाख 49 हजार 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं, 26 अक्टूबर को 1,253 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई हुई और 16 लाख 13 हजार रुपये का जुर्माना निर्धारित किया गया। दोनों दिनों के आंकड़ों को मिलाकर कुल 2,622 वाहनों पर कार्रवाई की गई। पुलिस का यह अभियान यातायात नियमों के पालन को सुनिश्चित करने और सड़क पर लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
बिना हेलमेट चलाने वालों पर सबसे ज्यादा कार्रवाई

ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई में बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले सबसे अधिक पाए गए। आंकड़ों के मुताबिक, 25 अक्टूबर को इस उल्लंघन के लिए 906 वाहनों पर कार्रवाई की गई, जबकि 26 अक्टूबर को 794 वाहन चालकों के खिलाफ चालान काटे गए। इस तरह दो दिनों में बिना हेलमेट वाहन चलाने के कुल 1,700 मामले दर्ज किए गए। यह आंकड़ा बताता है कि पटना में दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का इस्तेमाल नहीं करना यातायात नियमों के उल्लंघन की प्रमुख वजहों में शामिल रहा।
बिना इंश्योरेंस और रेड लाइट उल्लंघन पर भी चालान
जारी आंकड़ों में बिना वैध इंश्योरेंस वाहन चलाने के 503 मामले सामने आए। इसके अलावा रेड लाइट जंप करने के 146 और ट्रिपल राइडिंग के 85 मामलों में कार्रवाई की गई। ओवरस्पीडिंग के 113 मामलों में भी चालान काटे गए। ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने वालों पर भी कार्रवाई हुई। 25 अक्टूबर को ऐसे दो मामले दर्ज किए गए, जबकि 26 अक्टूबर को तीन मामले सामने आए। सीट बेल्ट नहीं लगाने, गलत दिशा में वाहन चलाने और नो-पार्किंग क्षेत्र में गाड़ी खड़ी करने जैसे उल्लंघनों पर भी जुर्माना लगाया गया।
कैमरों की मदद से नियम तोड़ने वालों की पहचान
पटना में ट्रैफिक नियमों की निगरानी के लिए वीडियो फुटेज, इमेज और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन यानी एएनपीआर कैमरों की मदद ली जा रही है। इन माध्यमों से वाहनों की पहचान कर नियमों के उल्लंघन के मामलों में कार्रवाई की जाती है। कैमरा आधारित निगरानी से यातायात व्यवस्था पर नजर रखने और उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों तक कार्रवाई पहुंचाने में मदद मिलती है। पुलिस का उद्देश्य लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना, सड़क दुर्घटनाओं का जोखिम कम करना और शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना है। वाहन चालकों को हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल करने, वैध दस्तावेज रखने तथा ट्रैफिक सिग्नल का पालन करने की जरूरत है।






















