पटना: बिहार सरकार ने ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के तहत राज्य के गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को बड़ी राहत देने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 20 नवंबर, 2026 तक 2.5 लाख ‘कुटीर ज्योति’ उपभोक्ताओं के घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य रखा है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इन सोलर पैनल से बनने वाली अतिरिक्त बिजली खरीदेगी, जिससे लाभार्थियों को अतिरिक्त आय कमाने का मौका मिलेगा।
Highlights:
₹1,512 करोड़ की परियोजना की शुरुआत
रविवार को उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ₹1,512 करोड़ की लागत से 2.5 लाख ‘कुटीर ज्योति’ उपभोक्ताओं के घरों पर सोलर पावर प्लांट लगाने की योजना शुरू की। इस मौके पर ऊर्जा क्षेत्र में ₹1,278 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास भी किया गया।
20 नवंबर, 2026 तक लक्ष्य पूरा करने का संकल्प
उपमुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे 20 नवंबर, 2026 तक—जब सरकार का एक साल का कार्यकाल पूरा होगा—तय लक्ष्य को हर हाल में पूरा करना सुनिश्चित करें। उन्होंने जोर दिया कि इन 2.5 लाख परिवारों के घरों पर सोलर पैनल लगाने का काम तय समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाना चाहिए।
अतिरिक्त बिजली का भुगतान
उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को एक ऐसी व्यवस्था बनाने का निर्देश दिया जिससे उपभोक्ताओं द्वारा बनाई गई अतिरिक्त बिजली अपने आप पावर ग्रिड में चली जाए। इसके बदले मिलने वाला भुगतान सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस पहल से जनता का बिजली का खर्च कम होगा और उन्हें अतिरिक्त आय का जरिया मिलेगा।
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स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा
इस योजना को राज्य में स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इससे पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी और साथ ही घरेलू उपभोक्ता ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकेंगे।






















