रांची: झारखंड में शराब, बीयर और वाइन सप्लाई करने वाली कंपनियों का ₹200 करोड़ से ज़्यादा का पेमेंट बकाया है, जिससे इंडस्ट्री में चिंता बढ़ रही है। शराब सेक्टर से जुड़ी तीन बड़ी इंडस्ट्री संस्थाओं ने राज्य सरकार से इन बकाया पेमेंट को जल्द निपटाने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि और देरी होने पर राज्य की सप्लाई व्यवस्था में रुकावट आ सकती है।
Highlights:
तीन बड़ी इंडस्ट्री संस्थाओं ने उठाया मुद्दा
कॉन्फेडरेशन ऑफ़ इंडियन अल्कोहलिक बेवरेज कंपनीज़, इंटरनेशनल स्पिरिट्स एंड वाइन्स एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया और ब्रुअर्स एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया (BAI) ने मिलकर राज्य सरकार का ध्यान इस मामले की ओर खींचा है। एसोसिएशन का कहना है कि लंबे समय से बकाया पेमेंट से इंडस्ट्री की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ रहा है, जिससे कंपनियों को कामकाज से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
पुराने RTM सिस्टम से जुड़े बकाया पेमेंट
इंडस्ट्री संस्थाओं के अनुसार, बकाया पेमेंट पुराने ‘रूट-टू-मार्केट’ (RTM) सिस्टम के तहत की गई सप्लाई से जुड़े हैं, जो 31 अगस्त, 2025 तक लागू था। हालांकि राज्य सरकार ने 1 सितंबर, 2025 से नया RTM सिस्टम लागू कर दिया था, लेकिन पिछली व्यवस्था के तहत की गई सप्लाई का पेमेंट अभी तक पूरी तरह से नहीं हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, झारखंड स्टेट बेवरेजेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने फरवरी 2026 में कुल रकम का लगभग 35 प्रतिशत हिस्सा ही चुकाया था। इसके बावजूद, ₹200 करोड़ से ज़्यादा की रकम बकाया है।
वर्किंग कैपिटल पर बढ़ता दबाव
इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों का कहना है कि पेमेंट में देरी का सीधा असर कंपनियों की वर्किंग कैपिटल पर पड़ रहा है। कैश फ्लो में रुकावट के कारण, कई कंपनियों को कामकाज के खर्च पूरे करने के लिए शॉर्ट-टर्म लोन लेने पड़ रहे हैं। इससे फाइनेंशियल लागत बढ़ रही है और बिजनेस ऑपरेशन की चुनौतियां और भी मुश्किल होती जा रही हैं।
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सप्लाई और प्रोडक्शन पर संभावित असर
इंडस्ट्री संस्थाओं ने चेतावनी दी है कि अगर बकाया पेमेंट का मुद्दा जल्द हल नहीं किया गया, तो प्रोडक्शन, डिस्ट्रीब्यूशन और सप्लाई चेन के कामकाज पर बुरा असर पड़ सकता है। इससे राज्य में शराब, बीयर और वाइन की उपलब्धता पर भी असर पड़ सकता है। इन संगठनों ने राज्य सरकार से अपील की है कि इंडस्ट्री और सप्लाई चेन में रुकावट को रोकने के लिए बकाया पेमेंट जल्द से जल्द किया जाए।






















