धनबाद: मानव तस्करी की गंभीर चुनौती से निपटने के लिए भारत और अमेरिका के बीच सहयोग को मजबूत करने के मकसद से, बुधवार को रांची के एक होटल में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास (US Consulate General) की देखरेख में ‘फ्रीडम 250’ सम्मेलन आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में प्रशासन, कानूनी क्षेत्र, शिक्षा और नागरिक समाज के प्रमुख लोगों ने हिस्सा लिया।
Highlights:
मानव तस्करी के खिलाफ मिलकर काम करने पर जोर
इस सम्मेलन का उद्देश्य मानव तस्करी से निपटने के लिए भारत और अमेरिका के बीच सहयोग को बढ़ावा देना और विभिन्न संस्थाओं के बीच बेहतर तालमेल बनाना था। इसमें तस्करी से जुड़े मुद्दों, रोकथाम के उपायों और पीड़ितों के पुनर्वास पर विस्तार से चर्चा की गई।

अमेरिकी वाणिज्य दूत और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में अमेरिकी वाणिज्य दूत कैथी जाइल्स-डियाज़ और आर्थिक व राजनीतिक मामलों के प्रमुख ब्राफस कलुंड विशेष रूप से मौजूद थे। वहीं, झारखंड स्पेशल ब्रांच के डीआईजी संजीव कुमार ने कार्यक्रम की रूपरेखा बताई और मानव तस्करी से निपटने के लिए चल रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला। इस मौके पर आयोजित सत्र का संचालन सुश्री सानंदा मित्रा ने किया।

धनबाद के पूर्व CWC अध्यक्ष की भागीदारी
धनबाद बाल कल्याण समिति (CWC) के पूर्व अध्यक्ष उत्तम मुखर्जी ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया। अन्य उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में अनुराग गुप्ता (झारखंड के पूर्व डीजीपी और राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग से जुड़े), संजय मिश्रा (संरक्षण आयोग के पूर्व अध्यक्ष), विकास डोडराज्का, बाल अधिकार कार्यकर्ता रविकांत, बैजनाथ और प्रमोद, सरला बिड़ला और उषा मार्टिन समूहों के प्रतिनिधि, विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रमुख और CWC की पूर्व अध्यक्ष तनुश्री सरकार शामिल थे।
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प्रशासन, कानून प्रवर्तन और नागरिक समाज के बीच सहयोग पर ध्यान
सम्मेलन में इस बात पर जोर दिया गया कि मानव तस्करी की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए प्रशासन, कानून प्रवर्तन एजेंसियों, सामाजिक संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच मजबूत तालमेल जरूरी है। विशेषज्ञों ने जागरूकता, त्वरित कार्रवाई और पीड़ितों के पुनर्वास को इस लड़ाई के अहम हिस्से के तौर पर रेखांकित किया।






















