Congress Opposes Constitutional Amendment Bill: कांग्रेस ने संविधान संशोधन बिल के उस प्रस्ताव का विरोध करने की घोषणा की है, जिसके तहत गंभीर आपराधिक मामलों में 30 दिनों तक न्यायिक हिरासत में रहने पर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को उनके पद से स्वतः हटा दिया जाएगा। पार्टी का तर्क है कि यह कानून राजनीतिक प्रतिशोध का हथियार बन सकता है और इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर हो सकती है।
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प्रस्तावित संविधान संशोधन बिल क्या है?
प्रस्तावित बिल में एक प्रावधान है कि यदि कोई प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री किसी ऐसे आपराधिक मामले में लगातार 30 दिनों तक न्यायिक हिरासत में रहता है जिसमें पांच साल या उससे अधिक की जेल की सजा का प्रावधान है, तो उन्हें 31वें दिन पद से स्वतः हटाया जा सकता है। इस प्रस्ताव की जांच के लिए गठित संयुक्त संसदीय समिति (JPC) द्वारा 17 जुलाई को अपनी रिपोर्ट को मंजूरी दिए जाने की संभावना है।
कांग्रेस ने क्यों आपत्ति जताई है?
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि यह बिल न्याय प्रणाली के एक मूलभूत सिद्धांत का उल्लंघन करता है: कि किसी व्यक्ति को तब तक निर्दोष माना जाता है जब तक कि अदालत द्वारा उसे दोषी न ठहराया जाए। उनका आरोप है कि इस कानून का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं पर राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा सकता है।
संसद में कड़े विरोध की उम्मीद
कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि सरकार संसद के मानसून सत्र के दौरान यह बिल पेश करती है, तो पार्टी इसका पुरजोर विरोध करेगी। कांग्रेस का दावा है कि सरकार के पास संविधान संशोधन के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत का अभाव है, जिससे बिल का पारित होना मुश्किल हो जाएगा।
परिसीमन और अन्य बिलों को लेकर सवाल
कांग्रेस ने संकेत दिया है कि यदि सरकार परिसीमन या अन्य विवादास्पद प्रस्तावों से संबंधित संविधान संशोधन बिल को फिर से पेश करती है, तो वह उनका भी विरोध करेगी। पार्टी का आरोप है कि ऐसे बिल विपक्षी दलों को कमजोर करने और राजनीतिक लाभ हासिल करने के उद्देश्य से लाए जा रहे हैं।






















