धनबाद: ज़िले का खाद्य सुरक्षा विभाग पूरी तरह सक्रिय है और खाने-पीने की चीज़ों में किसी भी तरह की मिलावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी मुहिम के तहत, SNMCH के आस-पास स्ट्रीट फ़ूड स्टॉल और खाने-पीने की दूसरी जगहों पर अचानक छापेमारी की गई।
Highlights:
स्ट्रीट फ़ूड स्टॉल में गड़बड़ियाँ मिलीं

छापेमारी के दौरान, कई दुकानों और ठेलों पर खाने के लिए अयोग्य रंगों का इस्तेमाल होते पाया गया। इसके अलावा, खाने-पीने की ज़्यादातर जगहें बिना फ़ूड लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन के चल रही थीं, जो नियमों का उल्लंघन है।
मिलावटी खाने-पीने की चीज़ें नष्ट की गईं

मौके पर हुई जाँच में जो खाने के सैंपल केमिकल टेस्ट में फेल हो गए, उन्हें वहीं नष्ट कर दिया गया। नियमों का उल्लंघन करने वालों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और उन्हें सात दिनों के भीतर कमियों को दूर करने की चेतावनी दी गई है।
SNMCH कैंटीन की जाँच
SNMCH कैंटीन में भी अचानक छापेमारी की गई, जहाँ साफ़-सफ़ाई और खाने की गुणवत्ता के मानक संतोषजनक पाए गए। हालाँकि, कैंटीन संचालक फ़ैसल खान को निर्देश दिया गया कि वे कीट नियंत्रण (पेस्ट कंट्रोल) के उपाय करें, स्टाफ़ का सालाना मेडिकल चेक-अप करवाएँ और फ़ूड सेफ़्टी ट्रेनिंग का इंतज़ाम करें।
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फ़ूड सेफ़्टी टीम मौजूद
जाँच टीम में फ़ूड सेफ़्टी ऑफ़िसर श्री राजा कुमार, ट्रेनी ऑफ़िसर सुश्री विजय परमार और सुश्री नयना नायक, श्री चंदन कुमार साहू और ऑफ़िस स्टाफ़ के सदस्य राहुल कुमार पासवान शामिल थे।






















