कोलकाता: बुधवार को कोलकाता में तृणमूल युवा कांग्रेस की रैली के दौरान बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। यह रैली पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में एक नाबालिग लड़की के रेप और हत्या के विरोध में आयोजित की गई थी। जब हालात बिगड़ने लगे, तो भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
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रैली के दौरान दोनों पक्षों में विवाद
खबरों के मुताबिक, जब रैली दक्षिण कोलकाता के बालीगंज फारी से हाजरा क्रॉसिंग की ओर बढ़ रही थी, तो बीजेपी समर्थकों ने तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी के खिलाफ नारे लगाए। आरोप है कि कुछ लोगों ने रैली में बाधा डालने की कोशिश की और यह भी दावा किया गया कि मुख्यमंत्री की ओर अंडा फेंका गया। इसके बाद, दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस हुई, जो आखिरकार हाथापाई में बदल गई।
झड़प में कार्यकर्ताओं के घायल होने का दावा
बताया जा रहा है कि हंगामे और उसके बाद पुलिस की कार्रवाई के दौरान दोनों पक्षों के कई कार्यकर्ता घायल हो गए। तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बीजेपी समर्थकों ने रैली में खलल डालने और माहौल खराब करने की कोशिश की। तृणमूल नेताओं का दावा है कि उनके 41 कार्यकर्ता और नेता घायल हुए हैं और उन्हें इलाज के लिए SSKM अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
ममता बनर्जी का वीडियो वायरल; दोनों पार्टियों के अलग-अलग दावे
इस घटना के बीच, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें ममता बनर्जी कुछ कार्यकर्ताओं को भीड़ से दूर ले जाती दिख रही हैं। बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी ने यह वीडियो शेयर किया और ममता बनर्जी पर निशाना साधा। दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि ममता बनर्जी घायल कार्यकर्ताओं की मदद करने और उन्हें भीड़ से दूर ले जाने की कोशिश कर रही थीं। पार्टी ने दावा किया कि इस प्रक्रिया के दौरान गलती से एक कार्यकर्ता को थप्पड़ लग गया।
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ममता ने पुलिस और बीजेपी पर लगाए आरोप
झड़प के बाद, ममता बनर्जी ने बीजेपी और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि रैली के लिए हाई कोर्ट की इजाज़त होने के बावजूद बीजेपी समर्थकों ने रैली में शामिल लोगों पर हमला किया और पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई करने में नाकाम रही। ममता ने कहा कि रैली शांतिपूर्ण ढंग से हो रही थी लेकिन कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया। उन्होंने पुलिस पर बीजेपी के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया। बीजेपी ने आरोपों को खारिज किया ममता बनर्जी के आरोपों को खारिज करते हुए बीजेपी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस को महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। पार्टी ने तृणमूल सरकार के कामकाज के रिकॉर्ड पर भी सवाल उठाए। फिलहाल, इस पूरे मामले को लेकर दोनों राजनीतिक दलों के बीच जुबानी जंग जारी है।






















