Neeraj Hajra Murder Case: पुलिस ने जमुआ थाना क्षेत्र के नीरज हाजरा के हाई-प्रोफाइल अपहरण और हत्या के मामले को सुलझा लिया है और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने अपराध में इस्तेमाल किया गया एक स्कूटर और दो चाकू भी बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, तकनीकी सबूतों और पूछताछ के आधार पर यह मामला सुलझाया गया।
Highlights:
शादी से पहले लापता हो गए थे नीरज
पुलिस के मुताबिक, नीरज हाजरा राजस्थान में मज़दूरी का काम करते थे और 7 जुलाई को उनकी शादी होने वाली थी। वह 4 जुलाई को राजस्थान से घर लौटे थे, लेकिन उसके बाद लापता हो गए। 5 जुलाई को उनके पिता सुभाष हाजरा ने जमुआ थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जंगल में मिली लाश
जांच के दौरान, पुलिस को बिहार के जमुई ज़िले के बेला जंगल में एक अज्ञात शव मिलने की सूचना मिली। बाद में शव की पहचान नीरज हाजरा के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने जांच तेज़ कर दी और एक विशेष टीम का गठन किया।
पुलिस का दावा: पूछताछ में हत्या की साज़िश का खुलासा
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए लोगों—उर्मिला कुमारी और सुभाष पासवान—से पूछताछ में पता चला कि उनके बीच पहले से ही प्रेम संबंध थे। पुलिस का दावा है कि नीरज हाजरा के साथ उर्मिला की शादी तय होने के बाद, दोनों ने कथित तौर पर उनकी हत्या की साज़िश रची। हत्या के बाद शव को जंगल में फेंक दिया गया।
स्कूटर और हथियार बरामद; जांच जारी
पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किया गया होंडा स्कूटर और दो चाकू बरामद कर लिए हैं। इस ऑपरेशन में सब-डिविज़नल पुलिस ऑफिसर (SDPO) अमरेंद्र कुमार, इंस्पेक्टर प्रदीप दास और जमुआ स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) विभूति देव समेत अन्य अधिकारियों ने अहम भूमिका निभाई।






















