Giridih Land Dispute: शनिवार को, ज़िले के डिप्टी कमिश्नर रामनिवास यादव SAR (शेड्यूल्ड एरिया रेगुलेशन) टूर के तहत बेंगाबाद ब्लॉक के अलग-अलग इलाकों का इंस्पेक्शन कर रहे थे। इस दौरान, डोमपहाड़ी गांव के गांववालों ने उन्हें ज़मीन के एक टुकड़े को लेकर चल रहे झगड़े के बारे में बताने के लिए रोका। दोनों पार्टियों ने डिप्टी कमिश्नर के सामने अपनी-अपनी दलीलें रखीं, जिसके बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों को बिना किसी भेदभाव के जांच करने का निर्देश दिया।
Highlights:
गांववालों ने जांच की मांग करते हुए एप्लीकेशन दी
गांववालों ने डिप्टी कमिश्नर को एक एप्लीकेशन दी, जिसमें कहा गया कि रोशन महतो से जुड़ा ज़मीन विवाद का एक मामला (जमाबंदी केस नंबर 05/2026-27) अभी कोर्ट में विचाराधीन है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद, कुछ लोग सर्किल ऑफिस के ज़रिए ज़मीन के रिकॉर्ड (जमाबंदी) को अपने नाम पर ट्रांसफर करने की कोशिश कर रहे हैं।गांववालों ने मामले की बिना किसी भेदभाव के जांच, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और जांच पूरी होने तक उस जमीन की जमाबंदी प्रोसेस पर रोक लगाने की मांग की।
विपक्षी पक्ष ने आरोपों को बेबुनियाद बताया
गांववालों के आरोपों को गलत बताते हुए, विरोधी पक्ष ने कहा कि जमीन का झगड़ा पहले से ही कोर्ट में पेंडिंग है और इसकी कई सुनवाई हो चुकी हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग भीड़ इकट्ठा करके दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे झगड़े की स्थिति बन रही है। विपक्षी पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष और कानूनी जांच करने और सही फैसला लेने की मांग की।

डिप्टी कमिश्नर ने बिना किसी भेदभाव के जांच के आदेश दिए
दोनों पक्षों को सुनने के बाद, डिप्टी कमिश्नर रामनिवास यादव ने संबंधित अधिकारियों को मामले की बिना किसी भेदभाव के जांच करने और नियमों के अनुसार जरूरी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जांच के नतीजों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

मामला अभी कोर्ट में है
ज़मीन के झगड़े का मामला अभी कोर्ट में पेंडिंग है। इसलिए, कोर्ट की कार्रवाई और एडमिनिस्ट्रेटिव जांच पूरी होने के बाद ही आखिरी नतीजा साफ़ होगा। फिलहाल, एडमिनिस्ट्रेशन ने दोनों तरफ की शिकायतों पर ध्यान दिया है और कहा है कि नियमों के मुताबिक कार्रवाई करने का प्रोसेस शुरू कर दिया गया है।
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