Patliputra Hospital Dhanbad: शहर के जोरा फाटक रोड पर स्थित पाटलिपुत्र अस्पताल में अब अत्याधुनिक ‘यूनिकम्पार्टमेंटल नी रिप्लेसमेंट’ (घुटने के एक हिस्से को बदलने की) सर्जरी की सुविधा उपलब्ध है। अस्पताल के अनुसार, इस तकनीक में घुटने के केवल प्रभावित हिस्से को बदला जाता है, जिससे मरीज़ों को कम चीर-फाड़ वाली प्रक्रिया और तेज़ी से ठीक होने का फ़ायदा मिलता है।
Highlights:
नई तकनीक से पहली सर्जरी सफलतापूर्वक की गई

अस्पताल के अनुसार, ऑर्थोपेडिक्स और जॉइंट रिप्लेसमेंट स्पेशलिस्ट डॉ. निखिल ड्रोलिया (MS ऑर्थोपेडिक्स) ने तेलमाचो बाज़ार की रहने वाली 60 वर्षीय मंजू देवी का इस तकनीक से सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया। मरीज़ पिछले छह महीनों से घुटने के दर्द से परेशान थीं।
यूनिकम्पार्टमेंटल नी रिप्लेसमेंट तकनीक क्या है?
डॉ. निखिल ड्रोलिया के अनुसार, इस प्रक्रिया में घुटने के केवल क्षतिग्रस्त हिस्से को बदला जाता है, जबकि घुटने के बाकी प्राकृतिक जोड़ को सुरक्षित रखा जाता है। यह अपेक्षाकृत कम चीर-फाड़ वाली सर्जरी है, जिसमें लगभग 3 से 3.5 इंच लंबा छोटा सा चीरा लगाना पड़ता है। उन्होंने बताया कि इस तकनीक से मरीज़ अपेक्षाकृत तेज़ी से ठीक होते हैं और सर्जरी के अगले दिन ही चलना शुरू कर सकते हैं।
आधुनिक इलाज की सुविधाएँ स्थानीय स्तर पर उपलब्ध
अस्पताल का कहना है कि इस सुविधा के शुरू होने से धनबाद और आसपास के इलाकों के मरीज़ों को घुटने के रिप्लेसमेंट सर्जरी के लिए दिल्ली, मुंबई या कोलकाता जैसे बड़े शहरों में जाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। इससे समय और यात्रा की भागदौड़, दोनों की बचत होगी।
अस्पताल प्रबंधन ने उम्मीद जताई
पाटलिपुत्र अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. निर्मल ड्रोलिया ने कहा कि अस्पताल का मकसद धनबाद और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को स्थानीय स्तर पर आधुनिक ऑर्थोपेडिक इलाज उपलब्ध कराना है। उनके अनुसार, यह नई तकनीक मरीज़ों को उनके अपने शहर में ही विश्व-स्तरीय इलाज की सुविधाएँ पाने में मदद करेगी।






















