Paper Leak Row: बुधवार को विपक्षी सांसदों ने संसद के मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया। यह विरोध छात्रों के आंदोलन, प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई और विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं को हटाए जाने के खिलाफ था। इस दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। इस मुद्दे पर मीडिया से बात करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि पेपर लीक जैसे गंभीर मामले का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए।
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जेपी नड्डा का कहना है: सरकार जांच करेगी; संसद में चर्चा के लिए तैयार है
जेपी नड्डा ने कहा कि राहुल गांधी ने संसद में पेपर लीक के लगभग 150 मामलों का जिक्र किया था और इनकी जांच की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि एक जिम्मेदार सरकार के तौर पर वे इन मामलों की जांच सुनिश्चित करेंगे और सामने आए तथ्यों को जनता के सामने रखेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार संसद में इस विषय पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है।
राहुल गांधी पर निशाना; विपक्ष शासित राज्यों का उदाहरण दिया
जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर केवल चुनिंदा मामलों का जिक्र करने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल किया कि UPA या विपक्षी गठबंधनों द्वारा शासित राज्यों में पेपर लीक की घटनाओं पर चर्चा क्यों नहीं हुई। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, पंजाब और केरल में विभिन्न परीक्षाओं में पेपर लीक या अनियमितताओं का उदाहरण देते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इन राज्यों में विपक्ष के नेतृत्व वाली सरकारें रही हैं।
‘संसद समाधान के लिए सबसे उपयुक्त मंच है’
जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार पेपर लीक के मुद्दे पर किसी भी तरह की चर्चा चाहे वह कम समय की हो या लंबी अवधि की के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि विपक्ष जितनी देर तक चर्चा करना चाहे, सरकार उसके लिए तैयार है। उन्होंने आगे कहा कि छात्रों का भविष्य एक सामूहिक जिम्मेदारी है और सरकार तथा विपक्ष दोनों को मिलकर इस मुद्दे का स्थायी समाधान खोजने के लिए काम करना चाहिए।






















