नालंदा: बिहार के नालंदा ज़िले के इंटरनेशनल पैरा-पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने कॉमनवेल्थ गेम्स में पुरुषों के हैवीवेट पैरा-पावरलिफ्टिंग इवेंट में ब्रॉन्ज़ मेडल जीतकर भारत का नाम रोशन किया है। उनकी इस ऐतिहासिक कामयाबी से पूरे बिहार में खुशी का माहौल है; उनके परिवार, खेल प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने उनकी सफलता को राज्य के लिए गर्व का पल बताया है।
Highlights:
ग्लासगो में शानदार प्रदर्शन; भारत के लिए ब्रॉन्ज़ मेडल
ग्लासगो में हुए इस इवेंट में दुनिया के कई बेहतरीन पैरा-पावरलिफ्टर्स ने हिस्सा लिया। कड़े मुकाबले के बीच, झंडू कुमार ने 130.9 पॉइंट्स के स्कोर के साथ ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। नाइजीरिया के रिलुवान इदरीस ने 132.8 पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि इंग्लैंड के मैथ्यू हार्डिंग ने 131.0 पॉइंट्स के साथ सिल्वर मेडल हासिल किया। कांटे की टक्कर वाले इस इवेंट में झंडू कुमार का प्रदर्शन भारत के लिए गर्व का विषय बना।
जीत के बाद नालंदा में जश्न
जैसे ही झंडू कुमार के ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने की खबर उनके गांव पहुंची, पूरे इलाके में जश्न का माहौल बन गया। परिवार के सदस्य, रिश्तेदार और ग्रामीण उन्हें बधाई देने के लिए उनके घर पहुंचने लगे। उनके पिता, रामानंद पासवान ने बताया कि पूरा परिवार देर रात तक अपने मोबाइल फोन पर मुकाबला देख रहा था। जब जीत की घोषणा हुई, तो घर में खुशी की लहर दौड़ गई और सभी ने मिठाइयां बांटकर इस कामयाबी का जश्न मनाया। उनके परिवार का कहना है कि झंडू कुमार ने यह मुकाम अपनी कड़ी मेहनत और लगन से हासिल किया है। उनकी मां, कमला देवी ने भावुक होकर बताया कि उन्होंने हमेशा अपने बेटे को देश के लिए तिरंगा लहराते हुए देखने का सपना देखा था—एक ऐसा सपना जो अब सच हो गया है।
संघर्ष और कड़ी मेहनत से मिली इंटरनेशनल पहचान
झंडू कुमार की सफलता के पीछे बरसों का संघर्ष और कड़ी मेहनत है। उनके परिवार के अनुसार, सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी ट्रेनिंग जारी रखी और कभी हार नहीं मानी। परिवार का यह भी कहना है कि उम्मीद के मुताबिक सरकारी मदद या स्थानीय स्तर पर खास सहयोग न मिलने के बावजूद, मुश्किल हालात में भी वे पूरी तरह अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहे। उनकी यह कामयाबी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने की हिम्मत रखते हैं। झंडू कुमार ने साबित कर दिया है कि मज़बूत इच्छाशक्ति और लगातार कोशिश से इंटरनेशनल लेवल पर कामयाबी हासिल की जा सकती है।
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खेल जगत और ज़िले में जश्न; भविष्य के लिए शुभकामनाएँ
नालंदा पैरा स्पोर्ट्स से जुड़े खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों और ज़िले के लोगों ने झंडू कुमार को इस ऐतिहासिक कामयाबी पर बधाई दी है। सभी को उम्मीद है कि वह भविष्य में इंटरनेशनल प्रतियोगिताओं में भारत के लिए और मेडल जीतकर देश का नाम रोशन करते रहेंगे। उनकी कामयाबी ने बिहार के पैरा-एथलीटों का हौसला बढ़ाया है और राज्य के खेल जगत के लिए प्रेरणा का एक नया स्रोत बनी है। झंडू कुमार की कामयाबी सिर्फ़ ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने तक ही सीमित नहीं है; यह एक ज़बरदस्त संदेश देती है कि टैलेंट और कड़ी मेहनत से किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है। उनकी कामयाबी खिलाड़ियों की आने वाली पीढ़ियों को बेहतरीन प्रदर्शन करने और देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रेरित करती रहेगी।






















