भागलपुर: नौगछिया ज़िले के खरिक ब्लॉक में स्थित राघोपुर गाँव में गंगा नदी से तेज़ी से हो रहे कटाव ने स्थानीय लोगों में चिंता पैदा कर दी है। जल संसाधन विभाग के कैंप ऑफिस के पास और बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार (उर्फ़ बुलो मंडल) के पैतृक घर के सामने तटबंध पर अचानक कटाव शुरू हो गया। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है।
Highlights:
तटबंध पर ज़बरदस्त कटाव; विभाग ने ‘अंडर-माइनिंग’ को बताया कारण

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, कटाव से लगभग 200 मीटर का हिस्सा प्रभावित हुआ है। वहीं, जल संसाधन विभाग ने शुरुआती तौर पर माना है कि “अंडर-माइनिंग” (नीचे से मिट्टी का कटाव) के कारण लगभग 60 मीटर के हिस्से में कटाव हुआ है। घटना के बाद, प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति का जायज़ा लेने के लिए घटनास्थल का दौरा किया।
ग्रामीणों का विरोध, विभाग पर लापरवाही का आरोप
कटाव से नाराज़ ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया और जल संसाधन विभाग के कैंप ऑफिस में तोड़-फोड़ की। उनका आरोप है कि कटाव-रोधी कार्यों में अनियमितताओं और घटिया निर्माण के कारण तटबंध कमज़ोर हो गया था। पूर्व ज़िला परिषद सदस्य विजय मंडल और राघोपुर पंचायत के सरपंच प्रमोद मंडल ने आरोप लगाया कि स्थानीय लोग लंबे समय से तटबंध को मज़बूत करने की मांग कर रहे थे, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने इन मांगों को नज़रअंदाज़ किया और दावा किया कि ढांचा सुरक्षित है।
15,000 से 20,000 लोगों पर मंडरा रहा है खतरा
ग्रामीणों ने आशंका जताई कि अगर तटबंध टूटता है, तो 15,000 से 20,000 की आबादी बाढ़ से प्रभावित हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल और प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
यह भी पढ़ें: BBMKU शिक्षक संघ का विरोध, प्रमोशन प्रक्रिया में बाधा डालने का विश्वविद्यालय प्रशासन पर आरोप
प्रशासन ने बचाव कार्य शुरू किया
घटना की सूचना मिलने पर, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) अनिकेत अमर, अनुमंडल कार्यपालक दंडाधिकारी सुधीर कुमार और जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता मुकेश कुमार समेत कई अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुँचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को शांत कराया और राहत व बचाव कार्य शुरू किया। जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता गौतम कुमार ने बताया कि कटाव ‘डी-नोज़’ (D-nose) सेक्शन के पास अंडर-माइनिंग के कारण हुआ है। प्रभावित इलाके में बचाव का काम जिसमें जियो-बैग और रेत की बोरियों का इस्तेमाल, साथ ही पेड़ों और झाड़ियों को हटाना शामिल है युद्ध स्तर पर चल रहा है। इस बीच, प्रशासन और पुलिस की टीमें हालात पर लगातार नज़र रखे हुए हैं।






















