BBMKU Hindi Department Tulsidas Jayanti: बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (BBMKU), धनबाद के स्नातकोत्तर हिंदी विभाग की ओर से गोस्वामी तुलसीदास की जयंती की पूर्व संध्या पर साहित्यिक एवं ज्ञानवर्धक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में तुलसीदास के साहित्य, विचारों और उनकी रचनात्मक विरासत को याद किया गया। इस दौरान डॉ. मीतू सिन्हा द्वारा रचित पुस्तक ‘अंगद रावण संवाद’ का विमोचन भी किया गया।
Highlights:
तुलसीदास के साहित्य और विचारों को किया गया याद
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने गोस्वामी तुलसीदास के साहित्यिक योगदान और उनके विचारों पर चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि तुलसीदास का साहित्य भारतीय समाज और संस्कृति में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। उनकी रचनाओं में जीवन मूल्यों, मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक दृष्टिकोण की व्यापक अभिव्यक्ति देखने को मिलती है। तुलसी जयंती की पूर्व संध्या पर आयोजित इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग से जुड़े विद्यार्थियों और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
‘अंगद रावण संवाद’ पुस्तक का हुआ विमोचन
आयोजन का प्रमुख आकर्षण डॉ. मीतू सिन्हा की रचना ‘अंगद रावण संवाद’ का विमोचन रहा। साहित्यिक आयोजन के दौरान पुस्तक को उपस्थित अतिथियों एवं विभाग के शिक्षकों की मौजूदगी में विमोचित किया गया। पुस्तक के विमोचन को कार्यक्रम के महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा गया। इस अवसर पर साहित्य और रचनात्मक लेखन से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई।
विभागाध्यक्ष समेत कई वक्ताओं ने रखे विचार
कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष डॉ. संजय कुमार सिंह मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। उन्होंने तुलसीदास के साहित्य और उनके विचारों के महत्व पर अपने विचार रखे। वहीं पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. मृत्युंजय कुमार सिंह ने विशिष्ट वक्ता के रूप में कार्यक्रम को संबोधित किया। सहायक प्राध्यापिका डॉ. रीता सिंह ने भी अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने विद्यार्थियों को साहित्य के अध्ययन और भारतीय साहित्यिक परंपरा को समझने के लिए प्रेरित किया।
विद्यार्थियों ने भी बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
तुलसी जयंती की पूर्व संध्या पर आयोजित इस साहित्यिक कार्यक्रम में कई विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने गोस्वामी तुलसीदास के साहित्य और विचारों से जुड़े अपने विचार भी साझा किए। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को साहित्यिक विषयों पर अपनी बात रखने और भारतीय साहित्य की समृद्ध परंपरा को समझने का अवसर दिया।
डॉ. मुकुंद रविदास ने किया मंच संचालन
कार्यक्रम के आयोजन सचिव डॉ. मुकुंद रविदास रहे। उन्होंने ही कार्यक्रम का मंच संचालन किया। आयोजन के दौरान विभाग के शिक्षकों और विद्यार्थियों की सहभागिता रही। BBMKU के स्नातकोत्तर हिंदी विभाग का यह आयोजन तुलसीदास के साहित्य और विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण साहित्यिक पहल के रूप में सामने आया।























