रांची: मत्स्य निदेशालय की ओर से मत्स्य किसान प्रशिक्षण केंद्र, धुर्वा में प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह योजना के तहत आयोजित दो दिवसीय एक्वा कल्चर बीमा योजना जागरूकता अभियान का बुधवार को समापन हुआ। कार्यक्रम में मत्स्य कृषकों को जलीय कृषि बीमा, एनएफडीपी पोर्टल पर पंजीकरण और योजना के लाभों की जानकारी दी गई।
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मत्स्य किसानों के लिए बीमा को बताया आर्थिक सुरक्षा का कवच
कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग की अधिकारी नयनतारा केरकेट्टा ने मत्स्य कृषकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह योजना, एनएफडीपी पोर्टल पर पंजीकरण और जलीय कृषि बीमा से जुड़ी जानकारी किसानों के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मत्स्य संपदा का बीमा मत्स्य कृषकों के लिए एक मजबूत आर्थिक सुरक्षा कवच की तरह है। बीमा योजना की जानकारी होने से किसान संभावित नुकसान की स्थिति में उपलब्ध सुरक्षा व्यवस्था का लाभ उठा सकते हैं।
सरकार ने बीमा योजना से जुड़ने की अपील की
कृषि विभाग के उप सचिव राजीव रंजन तिवारी ने कहा कि मत्स्य पालन में होने वाले नुकसान से किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से केंद्र और राज्य सरकार की ओर से मत्स्य संपदा के लिए बीमा योजना लागू की गई है। उन्होंने कहा कि मत्स्य कृषकों के बीमा पॉलिसी से जुड़ने पर उनकी आर्थिक सुरक्षा मजबूत होगी। कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को बीमा योजना की प्रक्रिया और इसके महत्व की जानकारी दी गई।
एनएफडीपी पोर्टल पर पंजीकरण कराने की अपील
मत्स्य निदेशक अमरेंद्र कुमार ने कहा कि किसानों तक बीमा से जुड़ी सही जानकारी पहुंचना जरूरी है। जानकारी के अभाव में किसान योजनाओं का पूरा लाभ नहीं उठा पाते हैं। उन्होंने मत्स्य कृषकों से अधिक से अधिक संख्या में एनएफडीपी पोर्टल पर पंजीकरण कराने और जलीय कृषि बीमा योजना का लाभ लेने की अपील की। उप निदेशक (जलाशय) शंभू प्रसाद यादव ने भी कहा कि मत्स्य बीमा से संबंधित जानकारी अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने जागरूकता को योजना का लाभ किसानों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
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विशेषज्ञों ने समझाई बीमा योजना की प्रक्रिया
जागरूकता अभियान में एनएफडीबी, हैदराबाद के सीनियर इंश्योरेंस विशेषज्ञ अमर कुमार नायक और एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी की क्षेत्रीय प्रबंधक आशा प्रसाद समेत अन्य विशेषज्ञ मौजूद रहे। विशेषज्ञों ने मत्स्य कृषकों को जलीय कृषि बीमा योजना, बीमा प्रक्रिया और इसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अभियान के माध्यम से किसानों को बीमा योजना से जुड़ने और उपलब्ध सरकारी व्यवस्था का लाभ उठाने के लिए जागरूक किया गया।






















