धनबाद: बिहार कोलियरी कामगार यूनियन (सीटू) के बैनर तले ईसीएल मुगमा एरिया महाप्रबंधक कार्यालय के मुख्य द्वार पर 10 सूत्री मांगों को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पांचवें दिन भी जारी रहा। यूनियन की ओर से कोयला मजदूरों और बंद पड़ी परियोजनाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर यह आंदोलन किया जा रहा है। यूनियन ने मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को और व्यापक तथा उग्र करने की चेतावनी दी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी मांगों को लेकर प्रबंधन को गंभीरता से विचार कर समाधान की दिशा में पहल करनी चाहिए।
Highlights:
10 सूत्री मांगों को लेकर जारी है आंदोलन
बिहार कोलियरी कामगार यूनियन की ओर से कई मांगों को लेकर आमरण अनशन किया जा रहा है। इनमें JBCCI-12 का शीघ्र गठन, बंद पड़ी 29 नंबर खदान और बैजना कोलियरी को चालू करना प्रमुख मांगों में शामिल है। इसके अलावा कुमारधुबी और बराकर इंजीनियरिंग वर्कशॉप को दोबारा शुरू करने, मजदूरों को उनके काम के अनुसार पदनाम देने और डीजल चोरी पर रोक लगाने की मांग भी यूनियन ने रखी है। यूनियन की ओर से चार लेबर कोड वापस लेने समेत अन्य मांगों को भी आंदोलन का हिस्सा बनाया गया है।
पांचवें दिन भी जारी रहा आमरण अनशन
मुगमा एरिया महाप्रबंधक कार्यालय के मुख्य द्वार पर चल रहा अनिश्चितकालीन आमरण अनशन लगातार पांचवें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। यूनियन का कहना है कि बंद खदानों और अन्य औद्योगिक इकाइयों से जुड़े मुद्दों के कारण मजदूरों के हित प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में प्रबंधन को इन मामलों में जल्द निर्णय लेना चाहिए।
मुगमा एरिया प्रबंधन पर लगाए लापरवाही के आरोप
यूनियन की ओर से मुगमा एरिया मैनेजर पर लापरवाही और शिथिलता का आरोप लगाया गया है। आंदोलनकारियों का कहना है कि प्रबंधन की कथित लापरवाही के कारण संबंधित कोलियरियों में उत्पादन प्रभावित हो रहा है। यूनियन नेताओं ने एरिया मैनेजर से सभी बिंदुओं पर गंभीरता से विचार कर जल्द समाधान निकालने की मांग की है। उनका कहना है कि मजदूरों से जुड़े मुद्दों को लंबे समय तक लंबित नहीं रखा जाना चाहिए।
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मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन होगा और तेज
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आंदोलन को आगे और उग्र किया जाएगा। यूनियन का कहना है कि फिलहाल आमरण अनशन जारी रहेगा और प्रबंधन से बातचीत के जरिए समस्याओं के समाधान की उम्मीद है। अब देखना होगा कि ईसीएल मुगमा प्रबंधन की ओर से आंदोलनकारियों की मांगों पर क्या पहल की जाती है और आमरण अनशन को समाप्त कराने के लिए बातचीत का रास्ता कब तक निकलता है।























