धनबाद: कर्माटांड़ विस्थापित कॉलोनी में कुछ लोगों पर दबंगई करने का आरोप लगाते हुए स्थानीय परिवारों ने विरोध जताया है। कॉलोनी के लोगों का आरोप है कि कुछ लोग वहां रहने वाले विस्थापित परिवारों के क्वार्टर में प्रवेश कर उनके कागजात और जरूरी दस्तावेजों की जांच करने का प्रयास कर रहे थे।
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स्थानीय परिवारों के मुताबिक, बिना किसी स्पष्ट प्रशासनिक प्रक्रिया के इस तरह घरों में पहुंचकर दस्तावेज देखने की कोशिश से लोगों में नाराजगी फैल गई। मामला बढ़ने पर कॉलोनी में रहने वाले कई परिवार और स्थानीय लोग मौके पर जुट गए।
परिवारों ने जताया विरोध, महिलाओं ने संभाला मोर्चा
क्वार्टर में कथित तौर पर दस्तावेज जांचने पहुंचे लोगों का परिवारों ने विरोध किया। देखते ही देखते मौके पर लोगों की संख्या बढ़ गई और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस दौरान महिलाओं ने भी विरोध में हिस्सा लिया। महिलाओं ने कथित रूप से जबरन क्वार्टर में प्रवेश कर कागजात देखने की कोशिश कर रहे लोगों का विरोध किया और उन्हें वहां से बाहर जाने के लिए कहा। बाद में उन्हें कॉलोनी से बाहर कर दिया गया।
वर्षों से रह रहे हैं विस्थापित परिवार
कॉलोनी में रहने वाले परिवारों का कहना है कि वे लंबे समय से यहां रह रहे हैं। उनके अनुसार, आवास या दस्तावेजों से संबंधित किसी भी प्रकार की जांच के लिए निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए।
परिवारों ने सवाल उठाया कि यदि किसी दस्तावेज या आवास की जांच जरूरी है तो संबंधित विभाग या प्रशासन के स्तर से इसकी जानकारी दी जानी चाहिए। स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी निजी व्यक्ति को उनकी अनुमति के बिना घर में प्रवेश कर दस्तावेजों की जांच करने का अधिकार नहीं होना चाहिए।
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घटना के बाद लोगों में नाराजगी और भय
घटना के बाद विस्थापित कॉलोनी में रहने वाले परिवारों के बीच नाराजगी के साथ-साथ सुरक्षा को लेकर चिंता भी देखने को मिल रही है। स्थानीय लोगों ने कहा कि इस तरह की घटना दोबारा नहीं होनी चाहिए।
परिवारों का कहना है कि वे किसी भी वैध जांच या प्रशासनिक प्रक्रिया में सहयोग करने के लिए तैयार हैं, लेकिन घर में जबरन प्रवेश और दस्तावेजों की जांच की कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी।
प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
घटना को लेकर विस्थापित परिवारों ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने कथित तौर पर जबरन घरों में प्रवेश करने वालों की भूमिका की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने और कॉलोनी में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की है।
स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि वे अपने आवास और अधिकारों से जुड़े मामलों को लेकर एकजुट हैं। उनका कहना है कि किसी भी तरह की दबंगई का विरोध किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर प्रशासन के सामने सामूहिक रूप से अपनी बात रखी जाएगी।
फिलहाल मामले में संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों या आरोप लगाए गए लोगों का पक्ष सामने नहीं आया है। इसलिए दस्तावेज जांच के प्रयास और घटना से जुड़े अन्य आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।























