Bihar MLC Chunav: बिहार की राजनीति में विधान परिषद चुनाव से पहले मोकामा के जदयू विधायक अनंत सिंह के एक बयान ने सियासी चर्चाओं को तेज कर दिया है। अनंत सिंह ने आगामी एमएलसी चुनाव में अनुज सिंह को समर्थन देने की बात कही है। उनके इस बयान को मौजूदा जदयू एमएलसी नीरज कुमार के लिए राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, चुनाव में इस समर्थन का वास्तविक असर क्या होगा, यह परिणाम के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
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अनुज सिंह के समर्थन में खुलकर आए अनंत सिंह
जानकारी के अनुसार, अनंत सिंह बेढ़ना पहुंचे थे, जहां उनके समर्थक भी मौजूद थे। इसी दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने अपने राजनीतिक रुख को स्पष्ट किया। अनंत सिंह ने कहा कि जो उनके साथ रहेगा, वह उसका साथ देंगे। इसके साथ ही उन्होंने अनुज सिंह को हर स्तर पर समर्थन देने की बात कही। अनंत सिंह ने दावा किया कि 26 विधानसभा क्षेत्रों में उनके समर्थक अनुज सिंह के साथ खड़े होंगे। उनके इस दावे के बाद विधान परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
मोकामा और बाढ़ में अनंत सिंह के प्रभाव की चर्चा
अनंत सिंह का यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि मोकामा और बाढ़ क्षेत्र में उनका लंबे समय से राजनीतिक प्रभाव रहा है। ऐसे में किसी उम्मीदवार के पक्ष में उनका खुलकर समर्थन करना चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। उनके बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर चर्चा शुरू हो गई है कि उनके समर्थकों का रुख किस तरह चुनावी मुकाबले को प्रभावित कर सकता है। वहीं, इसे नीरज कुमार के खिलाफ एक राजनीतिक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है। हालांकि, समर्थकों की वास्तविक संख्या और उनके मतदान का अंतिम प्रभाव चुनाव के दौरान ही सामने आएगा।
16 नवंबर 2026 को खत्म होगा आठ एमएलसी का कार्यकाल
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर चुनाव प्रस्तावित है। इन सीटों पर मौजूदा विधान पार्षदों का कार्यकाल 16 नवंबर 2026 को समाप्त होने वाला है। इन आठ सीटों में चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और संभावित उम्मीदवारों को लेकर भी चर्चाएं चल रही हैं। इन सीटों पर होने वाले चुनाव में अलग-अलग राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के बीच मुकाबला देखने को मिल सकता है।
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आठ सीटों पर अलग-अलग दलों के मौजूदा सदस्य
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जिन आठ सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है, उनमें तीन सीटों पर निर्दलीय विधान पार्षद हैं। वहीं दो सीटों पर भाजपा के सदस्य हैं। इसके अलावा कांग्रेस, भाकपा और जदयू के एक-एक विधान पार्षद का कार्यकाल भी समाप्त होने वाला है। ऐसे में मौजूदा सदस्यों के सामने दोबारा चुनाव जीतकर परिषद में पहुंचने की चुनौती होगी। अनंत सिंह के अनुज सिंह को समर्थन देने के ऐलान ने चुनाव से पहले बिहार की सियासत में एक नया राजनीतिक समीकरण जरूर चर्चा में ला दिया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि यह समर्थन चुनावी मुकाबले में कितना असर डालता है।






















