औरंगाबाद में फर्जी IPS बनकर पुलिस को दिया आदेश, दिनभर कराई जांच; स्कॉर्पियो छोड़कर फरार
औरंगाबाद: औरंगाबाद पुलिस के सामने एक ऐसा मामला आया है, जिसमें एक युवक ने कथित तौर पर खुद को प्रशिक्षु IPS अधिकारी बताकर नगर थाना की पुलिस टीम को अपने साथ ले लिया। पुलिस के अनुसार, उसने अधिकारियों को विश्वास में लेकर एनएच-139 पर वाहनों की जांच कराई और लोगों से पूछताछ भी की। मामला तब सामने आया जब कथित फर्जी IPS ने तीन यात्रियों को रोककर उनमें से दो युवकों को अपनी स्कॉर्पियो में बैठा लिया। बाद में दोनों युवकों के एक रिश्तेदार, जो झारखंड पुलिस में दारोगा हैं, ने फोन पर उससे बात की। इसके बाद आरोपी को अपनी पहचान उजागर होने का अंदेशा हुआ और वह दोनों युवकों को सड़क किनारे उतारकर फरार हो गया। मामले में पुलिस ने कथित फर्जी IPS के चालक समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उस स्कॉर्पियो को भी बरामद कर लिया है, जिसका इस्तेमाल घटना के दौरान किया गया था।
Highlights:
प्रशिक्षु IPS बताकर मांगा पुलिस बल

नगर थानाध्यक्ष बबन बैठा के अनुसार, कथित फर्जी IPS ने नगर थाना के सरकारी मोबाइल नंबर पर फोन किया था। उसने खुद को प्रशिक्षु IPS अधिकारी बताते हुए छापेमारी के लिए पुलिस बल की मांग की। उस समय सरकारी मोबाइल प्रभारी थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार के पास था। कथित अधिकारी की पहचान पर भरोसा करते हुए नगर थाना की गश्ती टीम उसके साथ चली गई। इसके बाद एनएच-139 पर जसोइया मोड़ से सीमेंट फैक्ट्री तक वाहनों की जांच की गई। जांच के दौरान एक सब्जी कारोबारी को भी रोककर पूछताछ की गई। इसके बाद पुलिस टीम कथित फर्जी IPS के साथ अनुग्रह नारायण रोड रेलवे स्टेशन की ओर चली गई।
तीन यात्रियों को रोका, दो युवकों को साथ ले गया
रेलवे स्टेशन के पास पुलिस टीम ने शहर की ओर आ रहे एक टेंपो को रोका। उसमें तीन यात्री सवार थे। पुलिस के अनुसार, इनकी पहचान पलामू जिले के हरिहरगंज थाना क्षेत्र के खड़कपुर निवासी आलोक कुमार, सुनील कुमार रवि और नबीनगर थाना क्षेत्र के गोसाइडीह निवासी अजय कुमार के रूप में हुई। पूछताछ के बाद अजय कुमार को छोड़ दिया गया, जबकि आलोक और सुनील को कथित फर्जी IPS अपनी स्कॉर्पियो में बैठाकर मदनपुर की ओर ले जाने लगा। इसके बाद अजय ने दोनों युवकों के परिजनों को इसकी जानकारी दी। इसी दौरान आलोक और सुनील के एक रिश्तेदार, जो भवनाथपुर थाना में दारोगा के पद पर कार्यरत हैं, ने कथित IPS से मोबाइल पर बात की। अपना परिचय देने के बाद बातचीत के दौरान आरोपी को शक हुआ कि उसकी पहचान सामने आ सकती है।
पहचान खुलने के डर से दोनों युवकों को सड़क पर उतारा
पुलिस के अनुसार, बातचीत के बाद कथित फर्जी IPS ने आलोक और सुनील को कामा बिगहा जीटी रोड के पास उतार दिया और वहां से स्कॉर्पियो लेकर फरार हो गया। दोनों युवकों ने पुलिस को बताया कि आरोपी उन्हें मोबाइल से बात करने की अनुमति नहीं दे रहा था। उन्होंने डराने-धमकाने और मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस के अनुसार, कथित फर्जी IPS ने नगर थाना के एक दारोगा को भी मोबाइल पर किसी व्यक्ति से बात करने से रोकने का प्रयास किया था।
पुलिस ने स्कॉर्पियो बरामद कर दो आरोपियों को पकड़ा
घटना की जानकारी मिलने के बाद एसपी उपेंद्र नाथ वर्मा ने जिले के सभी थानों को अलर्ट किया और आरोपी की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। पुलिस को जानकारी मिली कि कथित फर्जी IPS स्कॉर्पियो से पलामू की ओर भाग रहा है। एरका चेकपोस्ट के पास पुलिस की जांच देखकर आरोपी स्कॉर्पियो छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने वाहन के चालक पिंटू कुमार, निवासी डाल्टेनगंज, को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद चैनपुर थाना क्षेत्र के शाहपुर मोहल्ला निवासी कुंदन कुमार को भी पकड़ा गया। पुलिस ने बरामद स्कॉर्पियो के दस्तावेजों की जांच की तो वाहन के मालिक के रूप में पटना के रामकृष्ण नगर-जकरियापुर निवासी संजय कुमार मिश्रा का नाम सामने आया। पंजीकरण में दर्ज मोबाइल नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन बंद मिला।
यह भी पढ़ें: आर.के. सिन्हा के जन्मदिन को भव्य बनाने की तैयारी, धनबाद में बनी रणनीति
मुख्य आरोपी की तलाश में छापेमारी जारी
औरंगाबाद पुलिस के अनुसार, मामले के मुख्य आरोपी की तलाश की जा रही है। उसकी गिरफ्तारी के लिए झारखंड के विभिन्न संभावित ठिकानों पर पुलिस टीमों द्वारा छापेमारी की जा रही है। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पूरे मामले में कथित फर्जी IPS की वास्तविक पहचान, उसके मकसद और घटना में अन्य लोगों की भूमिका को लेकर जांच जारी है।






















