राजगंज में स्वतंत्रता सेनानी गोपाल चंद्र मुंशी की जयंती पर श्रद्धांजलि, प्रतिमा पर किया माल्यार्पण
राजगंज: स्वतंत्रता सेनानी एवं समाजसेवी स्वर्गीय गोपाल चंद्र मुंशी की जयंती के अवसर पर रविवार को राजगंज इंटर कॉलेज परिसर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर माल्यार्पण किया गया और उनके सामाजिक एवं शैक्षणिक योगदान को याद किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजगंज थाना प्रभारी संजीव कुमार झा थे। आयोजन स्वर्गीय गोपाल चंद्र मुंशी के पुत्र वीरेंद्र मुंशी और परिवार के अन्य सदस्यों की ओर से किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर की गई।
Highlights:
छात्राओं ने स्वागत गीत और गणेश वंदना प्रस्तुत की

कार्यक्रम के दौरान राजगंज इंटर कॉलेज की छात्राओं ने स्वागत गीत और गणेश वंदना प्रस्तुत की। इसके बाद उपस्थित लोगों ने स्वर्गीय गोपाल चंद्र मुंशी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। वक्ताओं ने उनके जीवन और समाज के प्रति योगदान को याद करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में किए गए उनके प्रयासों का राजगंज और आसपास के क्षेत्र पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा।
राजगंज में शिक्षा के विकास में अहम योगदान

वक्ताओं ने कहा कि गोपाल चंद्र मुंशी के प्रयासों से राजगंज में हाई स्कूल और इंटर कॉलेज की स्थापना संभव हुई। शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान का लाभ आज भी क्षेत्र के लोगों को मिल रहा है। कार्यक्रम में वक्ताओं ने उनके कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के प्रति उनकी सोच और प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उनके योगदान को याद करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में आगे भी बेहतर कार्य करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
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बड़ी संख्या में शिक्षक और गणमान्य लोग रहे मौजूद
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में आजसू नेता गिरधारी महतो, जिला परिषद सदस्य वाणी देवी, हलधर महतो, राजगंज हाई स्कूल के पूर्व प्राचार्य यादव जी और वर्तमान प्राचार्य आनंद कुमार मौजूद रहे। इसके अलावा राजगंज इंटर कॉलेज के बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं और शिक्षकेतर कर्मचारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। परिवार के सदस्यों और उपस्थित लोगों ने स्वर्गीय गोपाल चंद्र मुंशी के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के माध्यम से स्वतंत्रता सेनानी एवं समाजसेवी गोपाल चंद्र मुंशी के सामाजिक और शैक्षणिक योगदान को सम्मान के साथ याद किया गया।






















