तिलावनी में विनोद बाबू-फुलमनी करम महोत्सव, पारंपरिक संस्कृति और सामाजिक एकजुटता की दिखी झलक
Tilawani Karam Mahotsav: गोविंदपुर प्रखंड क्षेत्र के आसनबनी-2 पंचायत अंतर्गत तिलावनी गांव में विनोद बाबू-फुलमनी करम महोत्सव का आयोजन उत्साह और धूमधाम के साथ किया गया। कार्यक्रम में बिहार सरकार के मंत्री दामोदर प्रसाद रावत, देवघर के महापौर सहित कई स्थानीय नेता, जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग शामिल हुए। महोत्सव के दौरान ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में पारंपरिक रीति-रिवाजों, लोक संस्कृति और सामाजिक एकजुटता की झलक दिखाई दी।
Highlights:
महोत्सव में शामिल हुए मंत्री और जनप्रतिनिधि

विनोद बाबू-फुलमनी करम महोत्सव में बिहार सरकार के मंत्री दामोदर प्रसाद रावत और देवघर के महापौर समेत कई प्रमुख अतिथियों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा गोविंदपुर थाना प्रभारी विष्णु प्रसाद रावत, भाजपा नेता राज किशोर महतो तथा क्षेत्र के अन्य जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। अतिथियों की मौजूदगी से आयोजन का उत्साह और बढ़ गया।
लोक संस्कृति और परंपराओं की दिखी झलक

महोत्सव के दौरान ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम में पारंपरिक रीति-रिवाजों और लोक संस्कृति को प्रमुखता दी गई। आयोजकों ने कहा कि करमा पर्व झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आदिवासी परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों, संस्कृति और पारंपरिक मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया जाता है।
करमा पूजा को लेकर ग्रामीणों में उत्साह

आगामी मंगलवार को करमा पूजा मनाई जाएगी। इसे लेकर क्षेत्र के ग्रामीणों में उत्साह का माहौल है। करमा पर्व को लेकर घरों और गांवों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। करमा पर्व के दौरान बहनें अपने भाइयों की सुख-समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करती हैं। यह पर्व पारिवारिक प्रेम, आपसी विश्वास और सामाजिक सद्भाव का भी संदेश देता है।
यह भी पढ़ें: Loyabad Land Subsidence: लोयाबाद में भू-धंसान से मचा हड़कंप, दूसरे मकान पर भी मंडराया खतरा
आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का संदेश
महोत्सव के आयोजकों ने कहा कि पारंपरिक पर्व और सांस्कृतिक आयोजन समाज को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। करमा पर्व केवल धार्मिक आस्था का अवसर नहीं, बल्कि झारखंड की लोक परंपराओं और सामुदायिक जीवन की पहचान भी है। विनोद बाबू-फुलमनी करम महोत्सव के जरिए ग्रामीणों को अपनी संस्कृति के संरक्षण और उसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का संदेश दिया गया।




















