लोयाबाद में भू-धंसान से अरमान अंसारी का घर जमींदोज, बाल-बाल बचा परिवार; इलाके में दहशत
Loyabad Land Subsidence: सिजुआ क्षेत्र के लोयाबाद सात नंबर मुस्लिम मुहल्ले में रविवार की सुबह भू-धंसान की गंभीर घटना सामने आई। तेज आवाज के साथ अरमान अंसारी का घर जमीन में समा गया। घटना के बाद मौके पर करीब 15 फीट चौड़ा और 20 फीट गहरा गड्ढा बन गया है। गड्ढे में लगातार पानी का रिसाव हो रहा है और आसपास की मिट्टी भी धंस रही है। घटना के समय घर में मौजूद अरमान अंसारी की पत्नी जमीला खातून और उनके बच्चे बाल-बाल बच गए। हालांकि, कमरे में रखा घरेलू सामान जमीन के अंदर समा गया। घनी आबादी के बीच हुई इस घटना से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है।
Highlights:
जमीन धंसने लगी तो कमरे से बाहर निकला परिवार

जानकारी के अनुसार, रविवार को पूर्वाह्न करीब 11 बजे जमीला खातून और उनके बच्चे घर में मौजूद थे। इसी दौरान अचानक एक कमरे की जमीन धंसने लगी। खतरे का अंदाजा होते ही परिवार के सदस्य तुरंत कमरे से बाहर निकल गए। कुछ ही देर में पूरा कमरा भू-धंसान की चपेट में आकर जमींदोज हो गया। आसपास के लोगों ने मौके पर पहुंचकर परिवार के सदस्यों और उनके सामान को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की। बताया गया कि अरमान अंसारी काम के सिलसिले में बाहर रहते हैं, जबकि उनकी पत्नी और बच्चे घर में रहते हैं।
आसपास के दूसरे घरों पर भी मंडराया खतरा

भू-धंसान की घटना केवल अरमान अंसारी के घर तक सीमित नहीं रही। घटनास्थल से दो घर बाद डबलू अंसारी के मकान का एक कमरा भी जमीन धंसने की चपेट में आने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद आसपास रहने वाले कई परिवार अपने घर खाली करने की तैयारी में जुट गए हैं। इनमें मो. सरफुद्दीन, मो. वसीम, सोनू अंसारी, फातिमा खातून, मो. इखलाक, आलम मंसूरी, अरमान अंसारी, किताबुल खान और बेबी खातून समेत अन्य लोग शामिल हैं। लगातार मिट्टी धंसने और पानी रिसने के कारण लोगों को अपने घरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
पुलिस ने घटनास्थल पर की बैरिकेडिंग
घटना की सूचना मिलते ही लोयाबाद पुलिस और बांसजोड़ा कोलियरी प्रबंधन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। चेंबर अध्यक्ष राजकुमार महतो, मुस्लिम कमेटी के अध्यक्ष इम्तियाज अहमद और महामंत्री असलम मंसूरी ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने प्रभावित क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर दी है। लोगों को गड्ढे और आसपास के जोखिम वाले हिस्से में जाने से रोका जा रहा है। प्रशासन और प्रबंधन की ओर से लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है।
BCCL ने भराई और पुनर्वास की तैयारी शुरू की
बांसजोड़ा कोलियरी के परियोजना पदाधिकारी अनिल कुमार वर्मा ने बताया कि भू-धंसान वाले स्थान की भराई का काम शुरू कराया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रभावित परिवारों को दूसरी जगह बसाने की तैयारी की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक प्रभावित क्षेत्र की सुरक्षा जांच और स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक आसपास के परिवारों में भय बना रहेगा।
BCCL की लापरवाही का लगाया गया आरोप
चेंबर अध्यक्ष राजकुमार महतो और असलम मंसूरी ने घटना के लिए बीसीसीएल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया। उनका आरोप है कि इलाके में बीसीसीएल की ओर से खनन किया गया है और यहां सिरमोहन भी मौजूद था। उनका दावा है कि संभवतः आसपास के तालाब का पानी सिरमोहन में प्रवेश कर रहा है, जिससे जमीन अंदर से खोखली हुई और भू-धंसान की घटना हुई। हालांकि, भू-धंसान के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। दोनों ने सिजुआ जीएम से बातचीत कर प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल राहत और सुरक्षा उपाय शुरू कराने की मांग की है। अब लोगों की नजर प्रशासनिक जांच और बीसीसीएल की आगे की कार्रवाई पर है।




















