JSSC-CGL में 500 करोड़ के घोटाले का योगेंद्र साव ने लगाया आरोप
Yogendra Sao JSSC CGL Scam: झारखंड के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता योगेंद्र साव ने JSSC-CGL और JPSC भर्ती प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। मंगलवार को बातचीत के दौरान उन्होंने दावा किया कि JSSC-CGL में करीब 500 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। साव ने मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी CBI से कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्र लंबे समय से परेशान हैं और मामला न्यायिक प्रक्रिया तक पहुंच चुका है। योगेंद्र साव ने दावा किया कि उनके पास कथित घोटाले से जुड़े पुख्ता सबूत हैं, जिन्हें उचित मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। हालांकि, बातचीत के दौरान उन्होंने अपने दावों के समर्थन में सार्वजनिक रूप से कोई दस्तावेज पेश नहीं किया। इसलिए उनके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
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मौजूदा जांच एजेंसियों पर भी उठाए सवाल
योगेंद्र साव ने कहा कि भर्ती घोटाले की निष्पक्ष जांच मौजूदा जांच एजेंसियों से संभव नहीं है। उन्होंने जांच कर रहे अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। कांग्रेस नेता ने कहा कि मामले की वास्तविकता सामने लाने के लिए स्वतंत्र एजेंसी से जांच जरूरी है। उन्होंने JSSC-CGL मामले में CBI जांच की मांग दोहराते हुए कहा कि इससे कथित अनियमितताओं और जिम्मेदार लोगों की पहचान हो सकेगी। साव ने यह भी कहा कि कई लोग उन्हें फोन कर दस्तावेज और जानकारियां उपलब्ध करा रहे हैं। उनके अनुसार, इन जानकारियों को उचित कानूनी और सार्वजनिक मंच पर रखा जाएगा।
JPSC भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग
पूर्व मंत्री ने JPSC भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भर्ती से जुड़े विवादों के कारण युवाओं को आंदोलन और विरोध का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की। साव के अनुसार, युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की गड़बड़ी का स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए। झारखंड सरकार ने अगस्त 2026 में JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने और 2014 से आयोजित संबंधित परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच की घोषणा की थी।
मंत्री के निधन को भी जांच के दायरे में लाने की मांग
बातचीत के दौरान योगेंद्र साव ने हाल ही में एक मंत्री के निधन का जिक्र करते हुए कहा कि उस मामले की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि CBI जांच होने पर कई तथ्य सामने आ सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में उन्होंने कोई ठोस साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किया। उनके बयान में संबंधित मंत्री का नाम और कथित घटना से जुड़े विस्तृत तथ्य भी स्पष्ट रूप से सामने नहीं आए।
MDO और आउटसोर्सिंग कंपनियों पर लगाए गंभीर आरोप
योगेंद्र साव ने झारखंड की कोयला परियोजनाओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने चट्टी बरियातू, केरेदारी और पकरी बरवाडीह जैसे क्षेत्रों में MDO और आउटसोर्सिंग कंपनियों पर कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा के नाम पर बनी व्यवस्था में कॉरपोरेट कंपनियों का प्रभाव बढ़ रहा है। साव ने आरोप लगाया कि इससे ग्रामीणों में असंतोष और भय का माहौल बन रहा है। इन आरोपों पर संबंधित कंपनियों या प्रशासन की प्रतिक्रिया इस बयान में शामिल नहीं है।
राज्यसभा चुनाव में हार को लेकर मुख्यमंत्री पर सवाल
कांग्रेस नेता ने राज्यसभा चुनाव में गठबंधन की हार को लेकर भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब गठबंधन के पास पर्याप्त संख्या में विधायक थे, तब चुनाव हार जाना कई सवाल खड़े करता है। साव ने दावा किया कि यदि मुख्यमंत्री 58 विधायकों के नेता थे, तो यह जानना जरूरी है कि वोट किस दिशा में गया। उन्होंने परिमल नाथवानी का जिक्र करते हुए उनके मुख्यमंत्री आवास आने-जाने और उसके बाद हुई राजनीतिक गतिविधियों की जांच की मांग की। ये आरोप योगेंद्र साव के हैं। संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया इस बयान में उपलब्ध नहीं है।
कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने का भी लगाया आरोप
योगेंद्र साव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर कांग्रेस को राजनीतिक नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। उन्होंने असम और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश की गई। साव ने खुद को कांग्रेस और राहुल गांधी का समर्थक बताते हुए कहा कि यदि कोई पार्टी को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करेगा, तो वह उसका विरोध करेंगे।
अपनी सुरक्षा को लेकर जताई आशंका
बातचीत के दौरान योगेंद्र साव ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ साजिश रची जा सकती है और उन्हें नुकसान पहुंचाने का प्रयास हो सकता है। उन्होंने हजारीबाग कांग्रेस जिला अध्यक्ष संजीव बेदिया से जुड़े विवाद का भी उल्लेख किया और कहा कि पार्टी नेताओं के खिलाफ गलत टिप्पणी होने पर वह विरोध करेंगे। फिलहाल योगेंद्र साव के आरोपों और CBI जांच की मांग को लेकर संबंधित राजनीतिक दलों तथा सरकार की आगे की प्रतिक्रिया का इंतजार है।






















