NH-19 किनारे बंद स्वास्थ्य केंद्र को फिर खोलने की मांग
Nirsa Health Centre Reopen: राष्ट्रीय राजमार्ग-19 (NH-19) के किनारे वर्षों से बंद पड़े सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को दोबारा चालू कराने की मांग उठने लगी है। इस संबंध में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रदेश उपाध्यक्ष उमेश गोस्वामी ने निरसा के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन धनबाद के सिविल सर्जन और संबंधित विभाग के मंत्रियों के नाम दिया गया है। उमेश गोस्वामी ने मांग की कि बंद पड़े स्वास्थ्य केंद्र को पहले की तरह संचालित किया जाए, ताकि आसपास के ग्रामीणों और राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजरने वाले लोगों को नजदीक में चिकित्सा सुविधा मिल सके।
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अस्पताल बंद होने से स्थानीय लोगों को परेशानी का आरोप

ज्ञापन सौंपने के बाद उमेश गोस्वामी ने कहा कि NH-19 किनारे स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के संचालन से स्थानीय लोगों को काफी सुविधा मिलती थी। आसपास के गांवों के लोगों को जरूरत पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध हो जाती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य केंद्र को बंद कर निरसा के पंडरा मोड़ स्थित नवनिर्मित रेफरल अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया। इसके बाद पुराने स्वास्थ्य केंद्र के आसपास रहने वाले लोगों को इलाज के लिए दूसरे स्थान पर जाना पड़ रहा है।
सड़क दुर्घटना में घायलों को लेकर भी जताई चिंता

उमेश गोस्वामी ने कहा कि NH-19 एक व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग है। इस मार्ग पर दुर्घटना होने की स्थिति में घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत पड़ सकती है। उनके अनुसार, सड़क किनारे स्वास्थ्य केंद्र के बंद रहने से दुर्घटना में घायल लोगों को इलाज के लिए दूसरे स्थान पर ले जाना पड़ता है। उन्होंने मांग की कि स्वास्थ्य केंद्र को दोबारा शुरू कर स्थानीय लोगों के साथ-साथ सड़क दुर्घटना के पीड़ितों के लिए भी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

NCP प्रदेश उपाध्यक्ष ने संबंधित अधिकारियों और विभाग से इस मामले में जल्द पहल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र को दोबारा चालू कराने के लिए पार्टी लगातार प्रयास करेगी। गोस्वामी ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को लेकर सड़क से लेकर रांची तक आंदोलन करेगी। फिलहाल स्वास्थ्य केंद्र को दोबारा शुरू करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग या प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।






















