Saran Flood: बिहार के सारण जिले में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। बाढ़ के पानी से घिरे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए जिला प्रशासन राहत और बचाव अभियान चला रहा है। इस बीच जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव खुद ग्राउंड जीरो पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लेते हुए बचाव कार्यों की कमान संभाली। वरीय पुलिस अधीक्षक भी बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगातार मौजूद रहकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। जिला प्रशासन के मुताबिक, सारण के सात प्रखंडों की 25 पंचायतों के 102 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। इन इलाकों में करीब 1.70 लाख की आबादी पर बाढ़ का असर पड़ा है। प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाने और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए विभिन्न टीमें लगातार काम कर रही हैं।
Highlights:
ग्राउंड जीरो पर पहुंचे डीएम, बचाव दल को दिए निर्देश

बाढ़ की विकट स्थिति के बीच जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और रेस्क्यू टीमों के साथ समन्वय बनाते हुए बचाव अभियान की निगरानी की। डीएम ने पानी से घिरे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया की जानकारी ली। साथ ही अधिकारियों और बचाव दल को जरूरी दिशा-निर्देश दिए, ताकि प्रभावित लोगों तक जल्द से जल्द सहायता पहुंचाई जा सके। जिलाधिकारी के खुद मौके पर पहुंचने से बचाव अभियान में जुटी टीमों का हौसला भी बढ़ा। प्रशासन की प्राथमिकता बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना और प्रभावित परिवारों तक जरूरी सुविधाएं पहुंचाना है।
सारण के सात प्रखंडों के 102 गांव प्रभावित

सारण जिले में बाढ़ का असर बड़े इलाके में देखा जा रहा है। सात प्रखंडों की 25 पंचायतों के 102 गांवों में करीब 1.70 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। बाढ़ के कारण इन क्षेत्रों में लोगों की सामान्य जिंदगी प्रभावित हुई है और कई स्थानों पर लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने की जरूरत पड़ रही है। जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक लगातार बाढ़ प्रभावित इलाकों में डटे हुए हैं। दोनों अधिकारी राहत और बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं, ताकि जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने में किसी तरह की देरी न हो।
सामुदायिक रसोई और मेडिकल टीमों से मिल रही मदद
बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन की ओर से सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। इसके साथ ही बीमार लोगों और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को देखते हुए 20 मेडिकल टीमों को भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगाया गया है। इन मेडिकल टीमों के जरिए जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। बाढ़ के दौरान बीमार व्यक्तियों को समय पर चिकित्सा सहायता मिल सके, इसके लिए प्रशासन स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी ध्यान दे रहा है।
यह भी पढ़ें: BSL Bonus 2026: सेल कर्मचारियों के बोनस का ऐलान, बोकारो-चास के बाजार में आएंगे करीब ₹30 करोड़
NDRF-SDRF ने 15,400 लोगों को सुरक्षित निकाला
बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की चार टीमें लगातार अभियान चला रही हैं। प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, अब तक NDRF और SDRF की टीमों ने 15,400 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव अभियान जारी है। प्रशासन और राहत दलों की कोशिश है कि पानी से घिरे लोगों को सुरक्षित निकालने के साथ-साथ प्रभावित परिवारों तक भोजन और स्वास्थ्य सुविधाएं भी पहुंचाई जा सकें।






















