30.4 C
Jharkhand
Sunday, July 26, 2026

तृतीया और चतुर्थी का श्राद्ध आज, जानें- कैसे करते हैं एकसाथ दो तिथियों का श्राद्ध…

नयी दिल्ली :हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का अत्यंत विशेष और पवित्र महत्व है. मान्यता है कि इस अवधि में श्राद्ध और पिंडदान करने से पितरों की आत्मा संतुष्ट होती है और उनका आशीर्वाद सदैव परिवार पर बना रहता है. इस वर्ष पितृ पक्ष में एक विशेष योग बन रहा है, जिसमें दो तिथियों के श्राद्ध एक ही दिन सम्पन्न होंगे.

तृतीया और चतुर्थी श्राद्ध का संगम
इस साल पितृ पक्ष की शुरुआत 7 सितंबर 2025 से हुई थी, जो 21 सितंबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ समाप्त होंगे. इस बार पितृपक्ष में बुधवार, 10 सितंबर दो तिथियों का श्राद्ध एकसाथ होगा. इस दिन तृतीया और चतुर्थी का श्राद्ध एक ही दिन पड़ रहा है. आइए तृतीया और चतुर्थी के श्राद्ध का महत्व जानते हैं.

तृतीया पर किसका श्राद्ध?
इस दिन उन सभी दिवंगतों का श्राद्ध और पिंडदान किया जाता है, जिनका देहांत किसी भी माह के कृष्ण पक्ष या शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हुआ हो. तृतीया श्राद्ध को आमतौर पर ‘तीज श्राद्ध’ भी कहा जाता है.

चतुर्थी पर किसका श्राद्ध?
बुधवार, 10 सितंबर को चतुर्थी का भी श्राद्ध किया जाएगा. इस दिन परिवार के उन दिवंगत सदस्यों का श्राद्ध और पिंडदान किया जाता है, जिनका निधन कसी भी माह के कृष्ण पक्ष या शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को हुआ हो.

तृतीया श्राद्ध का समय
कुतुप मुहूर्त: सुबह 11 बजकर 53 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 43 मिनट तक
रौहिण मुहूर्त: दोपहर 12 बजकर 43 मिनट से 01 बजकर 33 मिनट तक
अपराह्न काल: दोपहर 1 बजकर 33 मिनट से लेकर शाम 4 बजकर 02 मिनट तक

दो तिथियों का श्राद्ध एकसाथ कैसे करें?
श्राद्ध के दिन सुबह स्नान आदि के बाद स्वच्छ और हल्के रंग के वस्त्र धारण करें. सफेद रंग के वस्त्र धारण करना ज्यादा उत्तम होगा. इसके बाद पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें और दक्षिण दिशा की ओर मुख करके आसन ग्रहण करें. श्राद्ध विधि के दौरान दोनों तिथियों का संकल्प अलग-अलग होना चाहिए. श्राद्ध के समय पितरों का नाम और गौत्र जरूर बोलें.
फिर तांबे के एक पात्र में गंगाजल, काले तिल, जौ और दूध मिलाएं. प्रत्येक तिथि के पितरों के लिए तीन-तीन बार जल अर्पित करें. तर्पण के समय कुश की अंगूठी दाहिने हाथ की अनामिका पहलें और इसी हाथ से अंगूठे की तरफ से पितरों को तर्पण दें. श्राद्ध के बाद गरीब ब्राह्मणों को भोजन कराएं और सामर्थ्य के अनुसार दान-दक्षिणा दें. दोनों तिथियों के पितरों का दान भी अलग-अलग होना चाहिए.

spot_img
Video thumbnail
सोनबाद के दो माह पहले बने जर्जर पुल की मरम्मत में ग्रामीणों ने फिर पकड़ी अनियमितता, काम रुकवाया;
03:16
Video thumbnail
औरंगाबाद में प्रदर्शन कारियों की भीड़ ने पुलिस पर किया पथराव तो बदलेमें मिला यह इनाम हो गया लाठीचार्ज
01:49
Video thumbnail
जमीन कब्जे के लग रहे आरोप पर कृष्ण मुरारी चौधरी,पंडुकी के रैयत और जांच करने पहुंचे सीओ ने क्या कहा?
09:52
Video thumbnail
करोड़ों की लागत से कोहिनूर मैदान में बना वेंडिंग जोन वीरान,सड़क पर सज रही दुकानें,जिम्मेवार लापरवाह...
03:56
Video thumbnail
सैकड़ो चेहरे पर धनबाद पुलिस ने लौटाई मुस्कान,जब मिला पुराना चोरी गया/खोया हुआ मोबाइल फोन...
01:52
Video thumbnail
करोड़ो का अवैध शराब छुपा था धान की भुंसी के नीचे,देख कर उत्पाद विभाग भी रह गयी दंग...
02:51
Video thumbnail
सैकड़ो चेहरे पर धनबाद पुलिस ने लौटाई मुस्कान,जब मिला पुराना चोरी गया/खोया हुआ मोबाइल फोन..
05:26
Video thumbnail
केंदुआ दास बस्ती में STG आउटसोर्सिंग परियोजना पर टकराव, पुलिस तैनात,वार्ता से पहले काम नहीं...
03:50
Video thumbnail
झरिया वार्ड 36 में गंदगी,कूड़े और पोल्ट्री फार्म की बदबू से जीना हुआ मुहाल,कहां करें फरियाद....
03:38
Video thumbnail
धनबाद
02:52

रिलेटेड न्यूज़

- Advertisement -spot_img

Most Popular