Bank Employees Strike, Ranchi: सप्ताह में पांच कार्य दिवस लागू करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर राजधानी के बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहे। हड़ताल के दौरान बैंककर्मियों ने अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों का कहना है कि बैंकिंग क्षेत्र में लंबे समय से सप्ताह में पांच कार्य दिवस लागू करने की मांग की जा रही है। उनका तर्क है कि कामकाज की मौजूदा व्यवस्था में कर्मचारियों पर काम का दबाव बना रहता है और पांच कार्य दिवस लागू होने से कार्य-जीवन संतुलन बेहतर हो सकता है।
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बैंकों के निजीकरण का भी किया विरोध
हड़ताल कर रहे बैंककर्मियों ने बैंकों के निजीकरण का भी विरोध किया। कर्मचारियों ने सरकार से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को मजबूत करने और निजीकरण की दिशा में कदम नहीं बढ़ाने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ नारे लगाए। बैंककर्मियों ने कहा कि बैंकिंग व्यवस्था का सीधा संबंध आम लोगों से है, इसलिए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को लेकर लिए जाने वाले फैसलों में कर्मचारियों और ग्राहकों के हितों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
कोरोना काल में बैंककर्मियों के योगदान का किया जिक्र
प्रदर्शन के दौरान बैंक कर्मचारियों ने कोरोना महामारी के समय किए गए अपने काम का भी उल्लेख किया। कर्मचारियों का कहना था कि जब महामारी के दौरान कई क्षेत्रों में काम प्रभावित हुआ था, तब बैंकिंग सेवाओं को जारी रखने में बैंक कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। बैंककर्मियों ने कहा कि कोरोना काल में उन्होंने जोखिम के बीच काम किया और बैंकिंग सेवाओं को सुचारु बनाए रखने में योगदान दिया। ऐसे में सरकार की ओर से किए गए वादों को पूरा करने की मांग की जा रही है।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी
हड़ताल में शामिल कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर सरकार की ओर से सकारात्मक पहल नहीं होती है तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। कर्मचारियों ने चरणबद्ध आंदोलन करने की बात कही है। इसके साथ ही मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में अनिश्चितकालीन हड़ताल का भी विकल्प अपनाने की चेतावनी दी गई। बैंककर्मियों का कहना है कि उनकी मांगों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए और बातचीत के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए।
सरकार से वादे पूरे करने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से बैंक कर्मचारियों से किए गए वादों को पूरा करने की मांग की। कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से लंबित मुद्दों का समाधान बातचीत के जरिए किया जाना चाहिए। हड़ताल और प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखाई। उनका कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस पहल नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रखने की रणनीति पर विचार किया जाएगा। फिलहाल बैंककर्मियों की हड़ताल के कारण राजधानी में बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना है। कर्मचारियों ने सरकार को चेतावनी दी है कि मांगों की अनदेखी होने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
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