Gamharia Police Station Rape Case: झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना से पुलिस व्यवस्था को सवालों के घेरे में खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। सुरक्षा की गुहार लेकर थाने पहुंची एक महिला ने थाने के ही वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा पर दुष्कर्म करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता का आरोप है कि देर रात कमरे में उसके साथ दुष्कर्म किया गया। इस दौरान उसने शोर मचाकर मदद मांगी, लेकिन मौके पर पहुंचे चार पुलिसकर्मियों ने उसे बचाने के बजाय वहां से लौटना उचित समझा।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा को गिरफ्तार कर शनिवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। वहीं, थाना प्रभारी संजय प्रसाद समेत पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा एसपी से की गयी है। घटना की जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआइटी) का गठन किया गया है। पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है।
पति से विवाद के बाद डरकर घर से निकली थी महिला
एसडीपीओ अनुभव भारद्वाज के अनुसार, पीड़िता ने प्राथमिकी में बताया है कि गुरुवार को सब्जी में नमक ज्यादा होने को लेकर उसका पति से विवाद हुआ था। इस दौरान पति ने उसे जान से मारने की धमकी दी थी। हालांकि, बाद में विवाद शांत हो गया और शाम को दोनों साथ में गम्हरिया पहुंचे।
रात करीब 9:30 बजे घर लौटने के दौरान झुरकुली के पास पति का एक दोस्त मिला। इसके बाद पति उसके साथ बैठकर शराब पीने लगा। महिला के अनुसार, पति की ओर से पहले दी गयी धमकी और वहां के माहौल को देखकर वह डर गयी और वहां से निकल गयी।
इसके बाद वह एसिड कंपनी के समीप एक घर में पहुंची। वहां मौजूद महिला को अपनी परेशानी बताकर पुलिस बुलाने की गुहार लगायी। रात करीब 12 बजे गम्हरिया थाना की पीसीआर टीम मौके पर पहुंची और उसे थाने ले आयी। पीड़िता को रात गुजारने के लिए एक कमरे में ठहराया गया था।
कमरे में वायरलेस ऑपरेटर पर दुष्कर्म का आरोप
पीड़िता का आरोप है कि देर रात वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा कमरे में पहुंचा और उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान उसने शोर मचाकर बचाव की गुहार लगायी। महिला के मुताबिक, उसकी आवाज सुनकर चार पुलिसकर्मी कमरे के पास पहुंचे, लेकिन किसी ने उसे बचाने की कोशिश नहीं की और सभी वहां से लौट गये।
पीड़िता ने बताया कि आरोपी से खुद को बचाने के लिए उसने संघर्ष किया। इस दौरान उसकी चूड़ियां टूट गयीं और चेहरे पर कई जगह खरोंच के निशान आ गये। महिला के अनुसार, कमरे में रखे सब्जी काटने वाले चाकू से उसने आरोपी पर वार किया, जिससे नीरज लकड़ा की एक उंगली में चोट लग गयी और खून निकलने लगा। उसके कपड़ों पर भी खून के धब्बे लग गये।
सुबह 700 रुपये देकर ऑटो से रेलवे स्टेशन भेजा
पीड़िता ने प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि शुक्रवार सुबह एक पुलिसकर्मी उसके कमरे में आया। उसने कपड़े खरीदने और घर जाने के किराये के लिए आरोपी से 700 रुपये लेकर उसे दिये। इसके बाद ऑटो से गम्हरिया रेलवे स्टेशन पहुंचाया गया और मायके चले जाने को कहा गया।
इधर, महिला को सुबह मायके जाने के लिए ट्रेन पकड़नी थी। दूसरी तरफ उसका पति भी उसकी तलाश करते हुए गम्हरिया रेलवे स्टेशन पहुंचा था। इसी दौरान महिला की नजर पति पर पड़ी और वह उसके पास पहुंच गयी। उसने पति को थाने के अंदर हुई कथित घटना की पूरी जानकारी दी। इसके बाद शनिवार को पीड़िता गम्हरिया थाना पहुंची और वायरलेस ऑपरेटर के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज करायी। महिला के बयान के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की।
एसपी के निर्देश पर पहुंची पुलिस टीम, आरोपी गिरफ्तार
घटना की जानकारी शुक्रवार रात एसपी समेत वरीय पुलिस अधिकारियों को मिली। एसपी के निर्देश पर एसडीपीओ अनुभव भारद्वाज देर रात गम्हरिया थाना पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। इसके बाद आरोपी वायरलेस ऑपरेटर को हिरासत में लेकर जांच शुरू की गयी।
शनिवार को पीड़िता की लिखित शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गयी। इसके बाद नीरज लकड़ा को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। एसडीपीओ ने बताया कि पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है और मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से जुटाये साक्ष्य
मामले की गंभीरता को देखते हुए शनिवार दोपहर करीब तीन बजे रांची से फॉरेंसिक टीम गम्हरिया थाना पहुंची। टीम ने एसडीपीओ से घटना के संबंध में जानकारी लेने के बाद उस कमरे का निरीक्षण किया, जहां कथित तौर पर दुष्कर्म की घटना हुई थी।
इस दौरान कमरे में मौजूद विभिन्न साक्ष्यों और घटनास्थल की परिस्थितियों की जांच की गयी। फॉरेंसिक टीम ने मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाये, ताकि जांच में घटनाक्रम की पुष्टि करने में मदद मिल सके।
थाना प्रभारी समेत पांच पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की अनुशंसा
इस मामले में आरोपी वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा के अलावा थाना प्रभारी संजय प्रसाद, अनिरुद्ध सिंह, मनोज साहू और संतोष राय के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा एसपी से की गयी है। पुलिसकर्मियों पर घटना के दौरान कथित लापरवाही और उनकी भूमिका को लेकर कार्रवाई की अनुशंसा की गयी है।
पूरे मामले की जांच के लिए एसआइटी गठित की गयी है। एसआइटी ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच में घटना के दौरान थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों की भूमिका और अन्य संबंधित पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
घटना गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण है: एसडीपीओ
एसडीपीओ अनुभव भारद्वाज ने कहा कि घटना गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण है। पीड़िता की लिखित शिकायत मिलने के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पीड़िता की मेडिकल जांच करायी जा रही है। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एसआइटी गठित की गयी है। आरोपी के अलावा थाना प्रभारी समेत पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा एसपी को भेजी गयी है।






















