झरिया: मुहर्रम के नौवें दिन, झरिया पुलिस स्टेशन इलाके में हसन और हुसैन की याद में ‘सिपल का सेहरा’ जुलूस बहुत श्रद्धा और परंपरा के साथ निकाला गया। इंदिरा नगर और चौथाई कुली समेत कई इलाकों से निकले जुलूसों में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लोगों ने इसमें हिस्सा लिया और आपसी भाईचारे का संदेश दिया।
Highlights:
अखाड़ों ने पारंपरिक मार्शल आर्ट कौशल का प्रदर्शन किया
जुलूस के दौरान, अलग-अलग अखाड़ा समूहों के लोगों ने लाठी और पारंपरिक हथियारों का इस्तेमाल करके अपने कौशल का प्रदर्शन किया। देर रात शुरू हुआ यह प्रदर्शन शुक्रवार सुबह तक चलता रहा और इसे देखने के लिए भारी भीड़ जमा हुई।

SDPO ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया; शांति की अपील की
सिंदरी के SDPO प्रकाश चंद्र महतो ने रिबन काटकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस मौके पर आयोजन समिति ने SDPO, झरिया पुलिस स्टेशन के इंचार्ज शशि रंजन कुमार, नगर आयुक्त और समाजसेवियों को पगड़ी और माला पहनाकर सम्मानित किया। SDPO ने सभी से मुहर्रम का त्योहार शांति और भाईचारे के माहौल में मनाने की अपील की।
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सुरक्षा के कड़े इंतजाम
आयोजन समिति के अनुसार, इस साल अलग-अलग अखाड़ा समितियों का खास स्वागत किया गया। वहीं, सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी रात इलाके में पुलिसकर्मी और शांति समिति के सदस्य तैनात रहे। मार्शल आर्ट कौशल का प्रदर्शन, जो गुरुवार रात करीब 11 बजे शुरू हुआ था, शुक्रवार सुबह लगभग 5 बजे तक चलता रहा।






















