मुजफ्फरपुर का ‘अमेरिकन हाउस’ बना आकर्षण का केंद्र
Muzaffarpur American House, मुजफ्फरपुर: शहर के रामदयालु इलाके में स्थित एक आलीशान मकान अपनी अनोखी वास्तुकला और आधुनिक सुविधाओं के कारण लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोग इसे ‘अमेरिकन हाउस’ और ‘डॉलर विला’ के नाम से जानते हैं। मकान की डिजाइन सामान्य घरों से काफी अलग है। इसकी सबसे खास विशेषताओं में ऐसी रैंप शामिल है, जिसके जरिए वाहन को ऊपरी मंजिल तक ले जाने की व्यवस्था बताई गई है। यही वजह है कि दूर-दराज से भी लोग इस मकान को देखने पहुंचते हैं और कई लोग इसके सामने तस्वीरें और सेल्फी लेते हैं।
Highlights:
रैंप से बेडरूम तक पहुंच सकती है कार
इस मकान की सबसे ज्यादा चर्चा इसकी विशेष रैंप को लेकर होती है। मकान के आर्किटेक्ट विपुल सिंह के मुताबिक, डिजाइन इस तरह तैयार किया गया कि वाहन को ऊपरी लेवल तक ले जाया जा सके और वह बेडरूम के पास तक पहुंच सके। मकान में तीन मंजिल के अलावा पार्किंग की विशेष व्यवस्था बताई गई है। परिसर में फाउंटेन, स्विमिंग पूल, बड़ा गार्डन और ऊपर कॉटेजनुमा बैठने की जगह भी बनाई गई है, जिसे गजिबू कहा जाता है। इसके अलावा घर में इंटरनल हाइड्रॉलिक लिफ्ट, सेंट्रलाइज्ड एयर कंडीशनिंग और कई आधुनिक सुविधाएं मौजूद होने की जानकारी दी गई है।
बेडरूम से दिखता है मेन गेट, पूरे घर में सिंगल स्क्रीन सिस्टम
आर्किटेक्ट विपुल सिंह के अनुसार, घर को मालिक की जरूरतों के हिसाब से डिजाइन किया गया था। उन्होंने बताया कि मास्टर बेडरूम की ऐसी व्यवस्था की गई है, जहां बेड पर लेटे हुए मेन गेट दिखाई दे सकता है। घर में सिंगल स्क्रीन सिस्टम की भी व्यवस्था बताई गई है। इसके जरिए लिविंग रूम में चल रहे कंटेंट को घर के अन्य बेडरूम से भी देखा जा सकता है। मकान की डिजाइन तैयार करते समय परिवार की जरूरतों और आधुनिक सुविधाओं को ध्यान में रखकर अलग-अलग हिस्सों का कॉन्सेप्ट तैयार किया गया था।
2012 में शुरू हुआ था निर्माण, 2016 में हुआ पूरा
मकान के मालिक अजय सिंह के चाचा रणबीर सिंह के अनुसार, इसका निर्माण वर्ष 2012 में शुरू हुआ था और 2016 में पूरा हुआ। अजय सिंह 1987 में अमेरिका गए थे और बाद में वहीं परिवार के साथ बस गए। अमेरिका में उनके परफ्यूम कारोबार से जुड़े होने की जानकारी दी गई है। मकान के निर्माण और डिजाइन में परिवार के आर्किटेक्ट इंजीनियर विपुल सिंह की भी भूमिका रही। रणबीर सिंह के मुताबिक, निर्माण के दौरान उस समय करीब 6 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए थे। हालांकि, परिवार के एक अन्य सदस्य ने पूरी प्रॉपर्टी और निर्माण पर इससे अधिक खर्च होने की बात कही है। मकान के निर्माण में ज्यादातर कामगार बिहार और आसपास के क्षेत्रों से थे। वहीं ग्रेनाइट और मार्बल से जुड़े कुछ विशेषज्ञ कारीगर मकराना से बुलाए गए थे।
भोजपुरी फिल्म की भी हो चुकी है शूटिंग
यह मकान केवल स्थानीय लोगों के आकर्षण का केंद्र ही नहीं रहा है, बल्कि इसका इस्तेमाल फिल्म शूटिंग के लिए भी किया जा चुका है। यहां भोजपुरी फिल्म ‘एक रजाई तीन लुगाई’ की शूटिंग होने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा कई भोजपुरी गानों की शूटिंग भी इस परिसर में हो चुकी है। फिल्म और मनोरंजन से जुड़े लोगों की आवाजाही के कारण भी यह मकान स्थानीय स्तर पर चर्चा में रहा है।
35 करोड़ में बिक्री की चर्चा, वैभव सूर्यवंशी का नाम भी जुड़ा
अमेरिका में परिवार के बस जाने के कारण मकान के मालिक अजय सिंह की ओर से इसे बेचने की तैयारी किए जाने की बात सामने आई है। प्रॉपर्टी की कीमत करीब 35 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस बीच चर्चा है कि भारतीय क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी के पिता ने भी इस प्रॉपर्टी को खरीदने में रुचि दिखाई है। हालांकि, इस दावे की अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अपनी अनोखी रैंप, हाईटेक सुविधाओं, स्विमिंग पूल, गार्डन और अलग वास्तुशिल्प के कारण रामदयालु का यह मकान आज भी मुजफ्फरपुर में कौतूहल का विषय बना हुआ है।





















