धनबाद: चैत्र माह के पावन छठ महापर्व पर आज संध्या अर्घ्य का विशेष महत्व है। इस अवसर पर व्रती अस्ताचलगामी सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित कर छठी मइया की आराधना करते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्य एवं खुशहाली की कामना करते हैं।
घाटों पर भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। सूप में ठेकुआ, फल, नारियल और अन्य प्रसाद सजाकर व्रती जल में खड़े होकर सूर्य देव को अर्घ्य देते हैं। चारों ओर छठ गीतों की मधुर गूंज और दीपों की रौशनी वातावरण को दिव्य बना देती है।
संध्या अर्घ्य सूर्य उपासना, प्रकृति के प्रति श्रद्धा और संयम का प्रतीक है।
छठी मइया से प्रार्थना है कि सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे।
छठी मइया सब पर अपनी कृपा बनाए रखें






















