पटना: बिहार में सरकारी कॉन्ट्रैक्ट से जुड़े एक हाई-प्रोफाइल मामले में, स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने कई जगहों पर एक साथ छापेमारी की है। यह कार्रवाई कथित भ्रष्टाचार और कमीशन लेने के मामले की जांच का हिस्सा है। SVU के इस कदम से प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में काफी हलचल मच गई है। जांच टीम अभी मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
Highlights:
पूर्व अधिकारियों और प्राइवेट कंपनी के ठिकानों पर छापेमारी
SVU सूत्रों के अनुसार, जांच टीम ने योगेश कुमार सागर (बिहार सरकार के पूर्व संयुक्त सचिव), अभिलाषा कुमारी शर्मा (तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव) और पवन कुमार (प्राइवेट फर्म ‘मैट्रिसवा इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड’ के निदेशक) के घरों पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान, अधिकारी महत्वपूर्ण दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच-पड़ताल कर रहे हैं। जैसे-जैसे प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, जब्त की गई सामग्री की और जांच की जा सकती है।
टेंडर प्रक्रिया और मंजूरियों की जांच
एजेंसी यह जांच कर रही है कि सरकारी कॉन्ट्रैक्ट देने, भुगतान प्रक्रियाओं और प्रशासनिक मंजूरियों के मामले में कोई अनियमितता, प्रभाव का दुरुपयोग या नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब एक विशेष अदालत पहले ही तीन आरोपियों के खिलाफ मामले का संज्ञान ले चुकी है।
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वरिष्ठ अधिकारी जांच के दायरे में; हलचल मची
इस मामले में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के नाम सामने आने के बाद प्रशासनिक विभाग में अटकलें तेज हो गई हैं। साथ ही, इस कार्रवाई पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आने की संभावना है। SVU सूत्रों का कहना है कि यह ऑपरेशन पहले से जुटाए गए सबूतों और दस्तावेजों पर आधारित है। जांच जारी है और एजेंसी ने अभी तक विशिष्ट जब्ती या आगे की कार्रवाई के बारे में विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है। मामले की आगे की दिशा जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।






















