पटना: पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने राज्यसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सोमवार को पटना में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने दावा किया कि तथाकथित “ऑपरेशन लोटस” के ज़रिए बिहार में राजनीतिक समीकरण बदलने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमज़ोर करने की कोशिशें की गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि पद का लालच देकर और केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई की धमकी देकर विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पर राजनीतिक दबाव डाला गया। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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विधायकों से संपर्क करने की कोशिशों का दावा
पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि व्यापारियों, राजनीतिक संपर्कों वाले लोगों और बिचौलियों के ज़रिए विधायकों तक संदेश पहुंचाने की कोशिशें की गईं। उन्होंने दावा किया कि इस पूरे मामले में बड़ी रकम का लेन-देन हुआ है और निष्पक्ष जांच की मांग की। कुछ नेताओं का नाम लेते हुए सांसद ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम की जांच CCTV फुटेज और अन्य उपलब्ध सबूतों के आधार पर होनी चाहिए। उन्होंने “हॉर्स-ट्रेडिंग” (विधायकों की खरीद-फरोख्त) के आरोपों की भी जांच की मांग की।
बिहार में पुलिस एनकाउंटर पर सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पप्पू यादव ने बिहार में हाल ही में हुए पुलिस एनकाउंटर पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में निष्पक्ष जांच की ज़रूरत है और सरकार से पूरे घटनाक्रम की न्यायिक जांच के आदेश देने का आग्रह किया। भरत तिवारी एनकाउंटर मामले का ज़िक्र करते हुए उन्होंने स्वतंत्र जांच पर ज़ोर दिया और मांग की कि इससे जुड़ी परिस्थितियों को सार्वजनिक किया जाए। सांसद ने बिहार में हुए सभी एनकाउंटर मामलों की समीक्षा की मांग की।

कानून-व्यवस्था और सामाजिक मुद्दों पर सरकार को घेरा
सांसद ने राज्य में अपराध, महिलाओं के खिलाफ हिंसा और विभिन्न सामाजिक घटनाओं के मुद्दों पर भी सरकार की आलोचना की। नगरनौसा, बिहार शरीफ और बेगूसराय की विशिष्ट घटनाओं का हवाला देते हुए उन्होंने प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाए। पप्पू यादव ने कहा कि वे इन विभिन्न मुद्दों को रखने के लिए 24 जून को राज्यपाल से मिलेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि ज़रूरत पड़ने पर वे अदालत का दरवाज़ा खटखटाएंगे। आरोपों की जांच की मांग प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सांसद ने कथित राजनीतिक दबाव, एनकाउंटर मामलों और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को मज़बूत करने और जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए पारदर्शी जांच ज़रूरी है। नोट: इस रिपोर्ट में बताए गए आरोप सांसद पप्पू यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान लगाए थे। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है।






















