31.1 C
Jharkhand
Wednesday, June 24, 2026

Shibu Soren Padma Bhushan: जल-जंगल-जमीन की लड़ाई लड़ने वाले शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्मभूषण


Shibu Soren Padma Bhushan: झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेता, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक और आदिवासी अधिकारों की आवाज रहे दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन को मंगलवार, 23 जून 2026 को मरणोपरांत पद्मभूषण सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले विशेष समारोह में यह सम्मान उनकी पत्नी रूपी सोरेन ग्रहण करेंगी। इस अवसर पर उनकी बहू और झारखंड की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रहीं कल्पना सोरेन भी मौजूद रहेंगी।

जानकारी के अनुसार रूपी सोरेन और कल्पना सोरेन सोमवार को ही दिल्ली के लिए रवाना हो गई थीं। इससे पहले यह चर्चा थी कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने पिता को मिलने वाला यह सम्मान ग्रहण करेंगे, लेकिन झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने स्पष्ट किया कि परिवार की ओर से रूपी सोरेन और कल्पना सोरेन समारोह में शामिल होकर सम्मान ग्रहण करेंगी।

सार्वजनिक जीवन और झारखंड आंदोलन में अहम योगदान

दिशोम गुरु शिबू सोरेन का नाम झारखंड आंदोलन के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। उन्होंने आदिवासियों के अधिकार, जल-जंगल-जमीन की रक्षा और अलग झारखंड राज्य के गठन के लिए दशकों तक संघर्ष किया। उनके नेतृत्व ने न केवल आदिवासी समाज को राजनीतिक पहचान दिलाई, बल्कि झारखंड राज्य निर्माण के आंदोलन को भी नई दिशा प्रदान की।

राजनीतिक जीवन में शिबू सोरेन ने कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। वे कई बार सांसद रहे और झारखंड के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी भी संभाली। जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर उनकी सक्रियता और संघर्षशील छवि ने उन्हें राज्य की राजनीति का सबसे प्रभावशाली चेहरा बना दिया।

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर हुई थी घोषणा

गृह मंत्रालय ने 25 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कारों की सूची जारी करते हुए शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्मभूषण देने की घोषणा की थी। सरकार ने सार्वजनिक जीवन में उनके लंबे और उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए यह सम्मान देने का निर्णय लिया था।

झारखंड के लिए गर्व का अवसर

शिबू सोरेन को पद्मभूषण से सम्मानित किया जाना झारखंड के लिए गर्व और सम्मान का क्षण माना जा रहा है। राज्यभर में उनके समर्थकों, झामुमो कार्यकर्ताओं और आदिवासी समाज के बीच इस सम्मान को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। लोगों का मानना है कि यह सम्मान केवल शिबू सोरेन को नहीं, बल्कि उस लंबे संघर्ष को भी समर्पित है, जिसने झारखंड को अलग राज्य के रूप में पहचान दिलाई।

गौरतलब है कि शिबू सोरेन का निधन 4 अगस्त 2025 को लंबी बीमारी के बाद हुआ था। उनके निधन के बाद भी उनके संघर्ष, विचार और योगदान झारखंड की राजनीति और समाज में प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं। पद्मभूषण सम्मान उनके जीवनभर के संघर्ष और देश के प्रति समर्पण को राष्ट्रीय स्तर पर मिली बड़ी मान्यता के रूप में देखा जा रहा है।

यह भी पढ़ें: Jharkhand High Court Balu Ghat Verdict: बालू घाट विवाद में झारखंड सरकार को झटका, हाईकोर्ट ने कंपनी को ब्याज समेत राशि लौटाने का दिया आदेश

spot_img
Video thumbnail
थैलीसीमिया बच्चों को ब्लड उपलब्ध कराने की मिशन में लगी संस्कृति खुद है थैलेसीमिया से ग्रसित, लेकिन
04:07
Video thumbnail
गिरिडीह:गावां CHC में सड़ी मिली नवजातों की सरकारी बेबी किट, वितरण के अभाव में एक्सपायर हुआ सामान...!
02:44
Video thumbnail
डॉ.श्यामाप्रसाद मुखर्जी के नाम पर भव्य पार्क का होगा निर्माण,बलिदान दिवस पर बोलें CM सम्राट चौधरी!
02:48
Video thumbnail
धनबाद पुलिस होगी हाईटेक, सदर थाना कैंपस में 18 करोड़ से बनेगा G+6 अत्याधुनिक भवन,एक छत के नीचे
04:26
Video thumbnail
JMM को कांग्रेस की वजह से मुसलमानों का मिला वोट वो अभी कोई रिस्क नही लेगी,अटकलों पर जयराम का विराम!
03:03
Video thumbnail
आजसू के 39 वें स्थापना दिवस पर खूब गरजें सुदेश महतो,विधि-व्यवस्था पर जमकर बोला सरकार के खिलाफ हल्ला!
03:27
Video thumbnail
झरिया:ह'त्यारों की गिरफ्तारी के लिए सड़क जाम कर रहे लोगों पर पुलिस का हल्का बल प्रयोग...
04:04
Video thumbnail
आजसू से वैचारिक मतभेद हो सकता है पर मनभेद नही,सुनिए रजनी रवानी को ले पूछे गए सवाल पर क्या कहा टाइगर
01:45
Video thumbnail
स्थानांतरण के विरोध में फूटा मजदूरों का गुस्सा, राजपुरा ओसीपी में कोयला ट्रांसपोर्टिंग ठप
01:27
Video thumbnail
ID CBI का डर दिखाकर राज्यसभा चुनाव में हॉर्स ट्रेडिंग,नाथवानी पर गरजें पप्पू यादव
03:04

रिलेटेड न्यूज़

- Advertisement -spot_img

Most Popular

error: Content is protected !!