धनबाद: शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SNMMCH) के फार्माकोलॉजी विभाग ने नशा-मुक्ति के बारे में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम का मकसद युवाओं को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले बुरे प्रभावों के बारे में बताना और उन्हें एक स्वस्थ, नशा-मुक्त समाज बनाने के लिए प्रेरित करना था।
Highlights:
डॉ. मोना ने किया कार्यक्रम का नेतृत्व

डॉ. मोना ने कार्यक्रम का नेतृत्व किया। उन्होंने वहां मौजूद मेडिकल छात्रों को नशीले पदार्थों के सेवन के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक परिणामों के बारे में बताया। उन्होंने युवाओं से नशीले पदार्थों से दूर रहने और इस मुद्दे पर दूसरों के बीच जागरूकता फैलाने का भी आग्रह किया।
मेडिकल छात्रों की सक्रिय भागीदारी

मेडिकल छात्रों ने जागरूकता कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया। नशा-मुक्त भारत के सपने को साकार करने में युवाओं की भूमिका पर चर्चा की गई और समाज में सकारात्मक संदेश फैलाने पर जोर दिया गया।
विशेषज्ञ डॉक्टरों ने जागरूकता संदेश साझा किया
डॉ. मोना के साथ-साथ डॉ. आकाश चंद्र, डॉ. के.के. दास, डॉ. अमिता दयाल, डॉ. ममता मुंडू, डॉ. पाविका कुमारी और डॉ. राजीव रंजन दास भी इस मौके पर मौजूद थे। सभी डॉक्टरों ने नशीले पदार्थों के सेवन से बचने, स्वस्थ जीवन शैली अपनाने और समुदाय में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
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नशा-मुक्त समाज बनाने का आह्वान
कार्यक्रम के समापन पर, सभी उपस्थित लोगों से नशा-मुक्त भारत के संकल्प को बनाए रखने और अपने आस-पास के लोगों को नशीले पदार्थों के सेवन के हानिकारक प्रभावों के बारे में शिक्षित करने की अपील की गई। डॉक्टरों ने कहा कि नशा-मुक्त और स्वस्थ समाज का निर्माण केवल युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ही संभव है।






















