नई दिल्ली: फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (FSSAI) ने खाने-पीने की चीज़ों की लेबलिंग और उन पर किए गए दावों को लेकर ITC के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी, जिसके बीच ITC को दिल्ली हाई कोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। यह मामला ITC के ‘आशीर्वाद आटा’ के पैकेट पर “100% आटा” (साबुत गेहूं का आटा) जैसे दावों से जुड़ा है। FSSAI ने ऐसे दावों को लेकर एक नई एडवाइजरी जारी की थी। इसके बाद, ITC को एक नोटिस भेजा गया जिसमें उसे अपनी पैकेजिंग लेबल, विज्ञापनों और वेबसाइट में ज़रूरी बदलाव करने के लिए कहा गया।
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ITC ने FSSAI के नोटिस को चुनौती दी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, FSSAI ने 10 अगस्त को ITC को कारण बताओ नोटिस और 13 अगस्त को सुधार नोटिस जारी किया था। कंपनी ने इन दोनों नोटिसों को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी। ITC ने तर्क दिया कि FSSAI की नई एडवाइजरी में “100%” जैसे दावों के बारे में दिए गए निर्देश मौजूदा कानूनों के दायरे से बाहर हैं। कंपनी का कहना है कि इन निर्देशों का पालन करना उसके लिए ज़रूरी नहीं है।
हाई कोर्ट ने FSSAI को लाइसेंस रद्द करने से रोका
इस मामले की सुनवाई जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत में हुई। FSSAI को नोटिस जारी करते हुए कोर्ट ने निर्देश दिया कि फिलहाल नई एडवाइजरी के आधार पर ITC का लाइसेंस रद्द करने के लिए कोई कार्रवाई न की जाए। इस आदेश के बाद, अगली सुनवाई तक ITC के लाइसेंस के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती। हालांकि, इस राहत का मतलब मामले का अंतिम समाधान नहीं है।
अगली सुनवाई 9 सितंबर को
इस मामले की अगली सुनवाई 9 सितंबर को तय की गई है। उस सुनवाई के दौरान, दिल्ली हाई कोर्ट FSSAI का पक्ष भी सुनेगा। इस मामले का मुख्य मुद्दा खाने-पीने की चीज़ों पर “100%” जैसे दावों के बारे में FSSAI की नई पॉलिसी और उस पॉलिसी के कानूनी आधार से जुड़ा है। कोर्ट यह भी देखेगा कि कंपनियों को अपने प्रोडक्ट लेबल, विज्ञापनों और वेबसाइटों पर ऐसे दावों के संबंध में क्या बदलाव करने होंगे।
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ITC को फिलहाल अंतरिम राहत मिली
दिल्ली हाई कोर्ट के अंतरिम आदेश के कारण ITC को फिलहाल राहत मिली है। आशीर्वाद आटा पर लेबलिंग दावों को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब अगली सुनवाई तक चलेगा। फिलहाल, FSSAI के लाइसेंस रद्द करने के कदम पर रोक लगी हुई है और मामला कोर्ट के अगले आदेश का इंतज़ार कर रहा है।






















