धनबाद: डुमरी के विधायक जयराम महतो का एक ऑडियो क्लिप वायरल होने के बाद विवाद बढ़ गया है। इस ऑडियो में वे कथित तौर पर एक स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस मामले पर चर्चा करने के लिए मंगलवार को रांची स्थित झारखंड पुलिस एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल धनबाद पहुंचा। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने धनबाद पुलिस लाइन्स के ऑडिटोरियम में वायरल ऑडियो और उससे जुड़ी घटनाओं पर चर्चा के लिए बैठक की। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसोसिएशन ने आगे की कार्रवाई पर भी विचार-विमर्श किया।
Highlights:
24 घंटे के भीतर माफी की मांग

झारखंड पुलिस एसोसिएशन के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट मोहम्मद महताब आलम ने बताया कि SHO के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल को लेकर औपचारिक लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। एसोसिएशन ने विधायक जयराम महतो से 24 घंटे के भीतर माफी की मांग की है। एसोसिएशन के अनुसार, अगर तय समय सीमा के भीतर माफी नहीं मांगी जाती है, तो पुलिसकर्मी काले बिल्ले लगाकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
केंद्रीय नेतृत्व को भेजी जाएगी रिपोर्ट
मोहम्मद महताब आलम ने कहा कि इस मामले पर अंतिम फैसला एसोसिएशन का केंद्रीय नेतृत्व करेगा। घटनाओं के पूरे क्रम से केंद्रीय नेतृत्व को अवगत कराने के लिए एक पत्र भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि झारखंड पुलिस मेन्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री और DIG से भी मिलकर उन्हें इस मुद्दे की जानकारी देंगे। संबंधित स्तरों पर जो भी निर्णय लिया जाएगा, एसोसिएशन उसका पालन करेगा।
पुलिस संगठनों की भविष्य की रणनीति पर फोकस
अब सबकी नजरें इस मामले पर पुलिस संगठनों की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। फिलहाल, एसोसिएशन ने माफी के लिए 24 घंटे की समय सीमा तय की है। चेतावनी दी गई है कि अगर इस अवधि में कोई समाधान नहीं निकलता है, तो काले बिल्ले लगाकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। हालांकि, यह रिपोर्ट वायरल ऑडियो क्लिप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करती है।
यह भी पढ़ें: धनबाद के महावीर मंदिर में भव्य रुद्राभिषेक, उज्जैन की तर्ज पर हुआ महादेव का श्रृंगार
पूरा मामला क्या है?
डुमरी के विधायक जयराम महतो के नाम से वायरल हो रहे एक ऑडियो क्लिप में एक SHO के खिलाफ अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल के आरोप लगे हैं। पुलिस एसोसिएशन ने इस घटना पर आपत्ति जताई है। एसोसिएशन का कहना है कि उसने पुलिस अधिकारी के खिलाफ इस तरह की भाषा के इस्तेमाल पर औपचारिक रूप से अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। अब सबकी नज़रें विधायक की प्रतिक्रिया और इस मामले पर केंद्रीय नेतृत्व के अगले फ़ैसले पर टिकी हैं।






















