बगहा, पश्चिम चंपारण: नेपाल की सीमा से सटी भोटे कोशी और त्रिशूली नदियों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी के बाद नारायणी-गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। इस स्थिति को देखते हुए, पश्चिम चंपारण जिला प्रशासन ने गंडक नदी के किनारे और निचले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। रिपोर्टों के अनुसार, तिब्बत से सटी नेपाल की सीमा में भोटे कोशी नदी का बहाव तेज हो गया है। वहीं, त्रिशूली नदी का जलस्तर भी बढ़ने की खबर है। त्रिशूली नदी आगे चलकर नारायणी नदी में मिल जाती है, जिसे भारत में प्रवेश करने के बाद गंडक नदी के नाम से जाना जाता है।
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बगहा में प्रशासन ने निगरानी बढ़ाई

संभावित स्थिति को देखते हुए, पश्चिम चंपारण के जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने बगहा में नदी के किनारे वाले इलाकों का निरीक्षण किया। जल संसाधन विभाग वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज, तटबंधों और दियारा (नदी के किनारे वाले निचले) क्षेत्र पर लगातार नज़र रख रहा है। बगहा में प्रशासन सार्वजनिक घोषणाओं के जरिए लोगों को सतर्क रहने की अपील कर रहा है। अधिकारियों ने निवासियों को सलाह दी है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें।
निचले इलाकों में सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह

मधुबनी ब्लॉक की चियुराही और सिसई पंचायतों में कुछ निवासियों ने अपने सामान और मवेशियों के साथ ऊंचे और सुरक्षित स्थानों की ओर जाना शुरू कर दिया है। वहीं, चकडहवा, झंडू टोला और बीन टोली में निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। प्रशासन ने नदी के किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे अपने परिवार के सदस्यों खासकर बच्चों और बुजुर्गों तथा अपने मवेशियों की सुरक्षा के लिए पहले से ही तैयारी कर लें।
निजी नावों पर रोक; सरकारी नावें चलती रहेंगी
सुरक्षा के मद्देनजर, बगहा इलाके में निजी नावों के संचालन पर रोक लगा दी गई है। बगहा-2 के अंचलाधिकारी वसीम अकरम के अनुसार, जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए सरकारी नावें चालू रखी गई हैं। प्रशासनिक और पुलिस टीमें नदी के किनारे वाले इलाकों में स्थिति पर लगातार नज़र रख रही हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे बहुत जरूरी न होने पर नदी के पास न जाएं।
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प्रशासन नेपाल में हालात पर नज़र रखे हुए है
नेपाल के रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा और चितवन ज़िलों में नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने की सलाह दी गई है। नेपाली अधिकारियों ने पानी का स्तर अचानक बढ़ने की वजह ‘ग्लेशियर लेक आउटबर्स्ट फ्लड’ (GLOF) होने की संभावना भी जताई है। फिलहाल, पश्चिम चंपारण प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घबराने के बजाय सतर्क रहें। प्रशासन का कहना है कि गंडक नदी के जलस्तर और निचले इलाकों पर पड़ने वाले संभावित असर पर लगातार नज़र रखी जा रही है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे हर हाल में आधिकारिक जानकारी और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें।





















