Bihar Flood Alert: बिहार में बाढ़ जैसे हालात की आशंका को देखते हुए सरकार और प्रशासन हाई अलर्ट पर हैं। नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा के बाद, राज्य की सीमा से लगी नदियों में जलस्तर बढ़ने की चिंता है। इस बीच, RJD नेता रोहिणी आचार्य ने बिहार सरकार और प्रशासन से सुरक्षा उपायों को लेकर खास सावधानी बरतने की अपील की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट में, रोहिणी आचार्य ने कहा कि नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा के कारण बिहार की सीमा से लगी नदियों खासकर कोसी, गंडक, बागमती और कमला बलान में जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है।
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रोहिणी आचार्य ने सरकार से क्या कहा?
रोहिणी आचार्य ने कहा कि बिहार सरकार और प्रशासन को संभावित स्थिति से निपटने और जान-माल के नुकसान को कम करने के लिए तुरंत जरूरी कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कोसी और गंडक बैराज समेत अहम तटबंधों की चौबीसों घंटे निगरानी की मांग की। उन्होंने अधिकारियों से संवेदनशील और अति-संवेदनशील जगहों की पहचान करने और इन जगहों पर मरम्मत का पर्याप्त सामान जैसे रेत की बोरियां और जियो-बैग पहले से ही रखने की भी अपील की।
बैराज से पानी छोड़े जाने की निगरानी की मांग
रोहिणी आचार्य ने नेपाल सीमा के पास स्थित बैराजों से पानी छोड़े जाने की लगातार निगरानी की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जल संसाधन विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल बहुत जरूरी है। उनका कहना है कि प्रशासन को बाढ़ की संभावित स्थिति के लिए पहले से तैयार रहना चाहिए ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित इलाकों में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किए जा सकें।
Zero Casualty के लक्ष्य पर काम करने की अपील
अपनी अपील में, रोहिणी आचार्य ने जान-माल और पशुधन के नुकसान को कम करने पर जोर दिया। उन्होंने प्रशासन से तेजी से फैसले लेने और तैयारियों को गंभीरता से लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए, विभागों के बीच तालमेल मजबूत करके इंसानी जान और पशुधन का नुकसान न होने (जीरो लॉस) के लक्ष्य को हासिल करने की कोशिश की जानी चाहिए।
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बिहार से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहती हैं रोहिणी
रोहिणी आचार्य बिहार से जुड़े राजनीतिक मुद्दों और जनहित के मामलों पर सोशल मीडिया के जरिए लगातार अपनी राय रखती रही हैं। बिहार में बाढ़ के खतरे के बीच, उन्होंने सरकार से सुरक्षा उपायों को मजबूत करने और संवेदनशील इलाकों में खास सावधानी बरतने की अपील की है। फिलहाल, प्रशासन बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए निगरानी और तैयारियों पर जोर दे रहा है। सीमावर्ती इलाकों और नदी के किनारों पर रहने वाले लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की जा रही है।





















