धनबाद: मंगलवार को धनबाद नगर निगम इलाके में कचरा उठाने का काम करने वाली कंपनी ‘रामकी’ की गाड़ी की चपेट में आने से मिथिलेश रजक गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद, मृतक के परिवार वालों और स्थानीय लोगों ने नगर निगम कार्यालय के गेट के पास शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया।
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हादसे के बाद नगर निगम के बाहर विरोध प्रदर्शन

मिथिलेश रजक की मौत की खबर मिलते ही परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने नगर निगम गेट के पास विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने मांग की कि मृतक के परिवार को उचित आर्थिक मुआवज़ा और अन्य ज़रूरी मदद दी जाए। घटना की खबर मिलने पर कांग्रेस नेता अनुपमा सिंह मौके पर पहुंचीं। उन्होंने परिवार से मुलाकात की, अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
नगर आयुक्त के सामने परिवार की मांगें रखी गईं

अनुपमा सिंह ने घटनास्थल से ही धनबाद के नगर आयुक्त आशीष गंगवार से फोन पर बात की। उन्होंने परिवार के लिए ₹10 लाख का उचित मुआवज़ा, परिवार के एक सदस्य को नौकरी और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई व परवरिश के लिए आर्थिक मदद की मांग की। बातचीत के बाद, परिवार को अलग-अलग माध्यमों से आर्थिक और अन्य तरह की मदद देने पर सहमति बनी।
मृतक की पत्नी के लिए नौकरी और आर्थिक मदद
सहमति के अनुसार, मृतक की पत्नी को ₹2.50 लाख नकद देने का फैसला किया गया। इसके अलावा, उन्हें ‘रामकी’ कंपनी में ₹20,000 प्रति माह की सैलरी पर नौकरी देने पर भी सहमति बनी। यह भी तय हुआ कि हादसे में शामिल गाड़ी से मिलने वाले इंश्योरेंस के पैसे के अलावा, परिवार को झारखंड सरकार से ₹4 लाख और केंद्र सरकार से ₹2 लाख की आर्थिक मदद मिलेगी।
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परिवार को हर संभव मदद का भरोसा
पूरी बातचीत कांग्रेस नेता अनुपमा सिंह और ज़िला अध्यक्ष संतोष सिंह की पहल और सहयोग से पूरी हुई। परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा गया कि उनकी आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों और संगठनों के साथ तालमेल बनाए रखा जाएगा। परिवार को भरोसा दिलाया गया कि उन्हें उचित मदद और न्याय दिलाने के लिए हर संभव कोशिश की जाएगी।





















