राजधनवार: झारखंड धाम को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए प्रशासन ने मंगलवार को अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान अतिक्रमण के दायरे में चिन्हित दुकानों को जेसीबी की मदद से हटाया गया।
Highlights:
अभियान के दौरान प्रशासन और पुलिस के अधिकारी बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों की निगरानी में चिन्हित स्थानों पर कार्रवाई की गई।
दुकानदारों को पहले दी गई थी सूचना

प्रशासन की ओर से पहले ही दुकानदारों को अतिक्रमण हटाने के संबंध में सूचना दी गई थी। 1 तारीख को दुकानदारों को जानकारी देकर 3 तारीख तक अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया था।
हालांकि कृष्ण जन्माष्टमी को देखते हुए प्रशासन ने कार्रवाई को दो दिनों के लिए आगे बढ़ा दिया। इसके बाद अधिकारियों ने झारखंड धाम पहुंचकर अतिक्रमण के दायरे में आने वाली दुकानों को चिन्हित किया।
चिन्हित दुकानदारों को अतिक्रमण हटाने के लिए तीन दिन का अंतिम समय दिया गया था।
समय सीमा खत्म होने के बाद जेसीबी से कार्रवाई

प्रशासन की ओर से दी गई अंतिम समय सीमा समाप्त होने के बाद मंगलवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। जेसीबी के माध्यम से चिन्हित दुकानों और अतिक्रमण वाले हिस्सों को हटाया गया।
कार्रवाई के दौरान मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पुलिस बल तैनात रहा। अभियान का उद्देश्य झारखंड धाम परिसर और आसपास के क्षेत्र को अतिक्रमण से मुक्त कराना बताया गया।
कई अधिकारी और पुलिस बल रहे मौजूद
अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान खोरीमहुआ एसडीएम समीर रेनियल खलखो, जमुआ अंचल अधिकारी नरेश वर्मा और जमुआ इंस्पेक्टर प्रदीप दास समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
जमुआ थाना प्रभारी के अलावा हीरोडीह और परसन थाना प्रभारी भी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों की मौजूदगी में चिन्हित दुकानों को हटाने की प्रक्रिया पूरी की गई।
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झारखंड धाम में प्रशासन की कार्रवाई से हड़कंप
अतिक्रमण हटाने के लिए जेसीबी चलाए जाने के दौरान मौके पर लोगों की भीड़ मौजूद रही। प्रशासन ने पहले से दी गई सूचना और निर्धारित समय सीमा के बाद कार्रवाई को आगे बढ़ाया।
अभियान के दौरान पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में चिन्हित दुकानों को हटाया गया। झारखंड धाम को अतिक्रमण मुक्त कराने की इस कार्रवाई के बाद इलाके में प्रशासनिक अभियान को लेकर चर्चा रही।






















