धनबाद: देश के प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थानों में अब पारंपरिक तकनीकी शिक्षा के साथ एनीमेशन, गेमिंग, विजुअल इफेक्ट्स और कंटेंट डिजाइनिंग जैसे आधुनिक विषयों को शामिल करने की जरूरत पर चर्चा तेज हो रही है। इसी बीच बॉलीवुड एनीमेशन इंडस्ट्री से जुड़े चर्चित नाम और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज के फाउंडर आशीष कुलकर्णी ने IIT (ISM) धनबाद के साथ एनीमेशन और VFX से जुड़े संयुक्त कोर्स शुरू करने की संभावना पर बातचीत के संकेत दिए हैं।
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उन्होंने कहा कि बदलते तकनीकी दौर में केवल पारंपरिक इंजीनियरिंग शिक्षा पर्याप्त नहीं है। युवाओं को आधुनिक तकनीक के साथ कंटेंट क्रिएशन, डिजाइनिंग और डिजिटल कम्युनिकेशन जैसे क्षेत्रों की जानकारी भी होनी चाहिए।
पारंपरिक इंजीनियरिंग के साथ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी की जरूरत
आशीष कुलकर्णी के अनुसार, आज टेक्नोलॉजी और रचनात्मकता का मेल तेजी से बढ़ रहा है। एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और डिजिटल कंटेंट जैसे क्षेत्र युवाओं के लिए नए करियर विकल्प तैयार कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आधुनिक उद्योगों की जरूरतों को देखते हुए तकनीकी संस्थानों में ऐसे विषयों को शामिल करना समय की मांग बनता जा रहा है। इंजीनियरिंग और क्रिएटिव टेक्नोलॉजी के संयुक्त कार्यक्रम छात्रों को तकनीकी ज्ञान के साथ नए डिजिटल क्षेत्रों में काम करने के लिए तैयार कर सकते हैं।
कई IIT में पहले से पढ़ाए जा रहे हैं आधुनिक डिजाइन कोर्स
कुलकर्णी ने बताया कि देश के कई प्रमुख IIT संस्थानों में कॉमिक्स डिजाइनिंग, ऑगमेंटेड रियलिटी यानी AR और वर्चुअल रियलिटी यानी VR जैसे आधुनिक विषयों से जुड़े कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
इसी तर्ज पर IIT (ISM) धनबाद में भी एनीमेशन और VFX से संबंधित ज्वाइंट प्रोग्राम शुरू करने की संभावनाओं पर बातचीत की जा सकती है। हालांकि, इस संबंध में किसी औपचारिक कार्यक्रम या कोर्स की घोषणा अभी नहीं की गई है।
यदि संस्थान और संबंधित संगठनों के बीच बातचीत आगे बढ़ती है, तो भविष्य में धनबाद के विद्यार्थियों को क्रिएटिव टेक्नोलॉजी से जुड़े नए शैक्षणिक अवसर मिल सकते हैं।
क्रिएटिव इंडिया मिशन और राज्यों की नई नीतियों पर जोर
भारत सरकार के क्रिएटिव इंडिया मिशन का उल्लेख करते हुए आशीष कुलकर्णी ने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों में एनीमेशन और गेमिंग से संबंधित नीतियों को आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है।
उनके अनुसार, 18 राज्यों में एनीमेशन और गेमिंग नीति लागू करने की दिशा में पहल हो रही है और इनमें से 11 राज्यों में नीति तैयार की जा चुकी है। अब झारखंड में भी स्कूल और कॉलेज स्तर पर एनीमेशन शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्य स्तर पर चर्चा किए जाने की बात कही गई है।
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झारखंड के युवाओं के लिए खुल सकते हैं नए करियर के रास्ते
यदि राष्ट्रीय स्तर पर तैयार हो रही एनीमेशन और गेमिंग से जुड़ी नीतियों का प्रभाव झारखंड में भी दिखाई देता है, तो राज्य के युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के नए अवसर तैयार हो सकते हैं।
IIT (ISM) धनबाद जैसे प्रमुख तकनीकी संस्थान में एनीमेशन, VFX, गेमिंग और कंटेंट डिजाइनिंग से जुड़े कार्यक्रम शुरू होने की संभावना भविष्य में छात्रों और क्रिएटर्स के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
हालांकि फिलहाल इसे बातचीत और संभावनाओं के स्तर पर ही देखा जा रहा है। किसी भी नए कोर्स की शुरुआत को लेकर अंतिम निर्णय संबंधित संस्थानों और अधिकारियों की औपचारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।






















