धनबाद: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) धनबाद महानगर ने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (BBMKU) में संचालित कुछ महत्वपूर्ण पाठ्यक्रमों को Self-Financed व्यवस्था में लाने के प्रस्ताव का विरोध किया है। परिषद की ओर से इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्रहित में निर्णय लेने की मांग की गई है।
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ABVP के प्रदेश कार्य समिति सदस्य अंशु तिवारी और पूर्व विभाग संयोजक सुधांशु गुप्ता ने विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांग रखी। परिषद ने कहा कि जिन पाठ्यक्रमों में बड़ी संख्या में विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं, उन्हें सरकारी वित्त पोषित व्यवस्था के तहत ही जारी रखा जाना चाहिए।
इन पाठ्यक्रमों को Government-Financed व्यवस्था में रखने की मांग

ज्ञापन में Mass Communication, Management Studies, Foreign Language, Computer Science, Art & Culture तथा EVS & DM जैसे पाठ्यक्रमों को Self-Financed न करने की मांग की गई है।
ABVP का कहना है कि इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से कोयलांचल क्षेत्र के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इन पाठ्यक्रमों को सरकारी वित्त पोषित व्यवस्था में संचालित किए जाने से विद्यार्थियों को अपेक्षाकृत किफायती दर पर पढ़ाई का अवसर मिलता है।
परिषद ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि इन पाठ्यक्रमों की वर्तमान व्यवस्था में किसी तरह का बदलाव करने से पहले विद्यार्थियों की आर्थिक स्थिति और उनके हितों को ध्यान में रखा जाए।
फीस बढ़ने से आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों पर असर का दावा
ABVP ने अपने ज्ञापन में कहा कि कोयलांचल क्षेत्र में बड़ी संख्या में विद्यार्थी आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं। ऐसे में यदि इन पाठ्यक्रमों को Self-Financed किया जाता है और इसके कारण विद्यार्थियों पर अतिरिक्त शुल्क का बोझ बढ़ता है, तो उच्च शिक्षा हासिल करना कई छात्रों के लिए मुश्किल हो सकता है।
परिषद का तर्क है कि आर्थिक कारणों से किसी योग्य विद्यार्थी की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए। शुल्क बढ़ने की स्थिति में कुछ विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ने जैसी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्रहित में निर्णय लेने की अपील
ABVP ने विश्वविद्यालय प्रशासन से इस मुद्दे पर सकारात्मक और छात्रहित में निर्णय लेने की अपील की है। परिषद ने कहा कि उच्च शिक्षा को अधिक से अधिक विद्यार्थियों के लिए सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और किफायती बनाए रखना जरूरी है।
परिषद के अनुसार, विश्वविद्यालय में संचालित महत्वपूर्ण पाठ्यक्रमों को सरकारी वित्त पोषित व्यवस्था में बनाए रखने से अलग-अलग आर्थिक पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों को इन पाठ्यक्रमों में पढ़ाई जारी रखने का अवसर मिलेगा।
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ABVP ने कहा- विद्यार्थियों के हित को प्राथमिकता मिले
ज्ञापन सौंपते हुए ABVP प्रतिनिधियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से विद्यार्थियों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करने की मांग की। परिषद ने कहा कि पाठ्यक्रमों की फीस और वित्त पोषण व्यवस्था में बदलाव का सीधा असर विद्यार्थियों और उनके परिवारों पर पड़ सकता है।
ABVP ने उम्मीद जताई कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की आर्थिक स्थिति और उच्च शिक्षा की पहुंच को ध्यान में रखते हुए इन पाठ्यक्रमों को Self-Financed व्यवस्था में लाने के फैसले पर पुनर्विचार करेगा।






















